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केवल सफेद पैंटी पहननी होगी छात्राओं को स्कूल टाइम में

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पुणे के एक स्कूल ने तय किया लड़कियों के इनरवियर का रंग, टॉयलेट जाने का भी टाइम भी किया फिक्स, इन रूल्स को फॉलो न किये जाने पर स्कूल दर्ज करायेगा पेरेंट्स के विरुद्ध मुकदमा…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

 

पुणे: जी हां, यकीन करना मुश्किल है लेकिन यह सौ फ़ीसदी सच है कि आज़ाद भारत में इस तरह का तुगलकी फरमान देश के एक मेट्रो सिटी जहां हायर एडुकेशन के लिए स्टूडेंट्स देश के कोने-कोने से आते हैं पुणे के स्कूल एमआईटी विश्व शांति गुरुकुल ने छात्राओं के लिए जारी किया है।

स्कूल प्रबंधन ने छात्राओं को निश्चित रंग वाले ही इनर वियर्स पहनने के निर्देश जारी किए हैं। निर्देश में छात्राओं को अपनी मर्जी से टॉयलेट के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी है। स्कूल प्रबंधन ने छात्राओं के टॉयलेट इस्तेमाल करने का समय तय किया है। यही नहीं, स्कूल ने छात्राओं के लिए 20 से ज्यादा कठिन नियम बनाए हैं। उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी भी दी गई है। प्रबंधन के फैसले के खिलाफ परिजनों ने बुधवार को स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

नियम न मानने पर दर्ज होगा केस

अभिभावकों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने छात्रों की डायरी में नियमों की एक लंबी सूची लिखाई है। डायरी में छात्रों से अभिभावकों की मंजूरी के रूप में उनके हस्ताक्षर कराकर भी लाने को कहा गया है। इसके अलावा नियम पालन करने को लेकर एक हलफनामा भी दाखिल करने को कहा है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि जो अभिभावक उनके बनाए नियमों को नहीं मानेगा, उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। स्कूल का नया सत्र 15 जून से शुरू हुआ है। छात्रों को 2 जुलाई को ये डायरी दी गई है। मामले की शिकायत प्राइमरी शिक्षा के निदेशक से भी की गई है।

क्या है नया नियम?

पीने के पानी और बिजली अनावश्यक रूप से इस्तेमाल करते पाए जाने पर छात्रों को 500 रुपए का जुर्माना भरना पड़ेगा। अगर सेनेटरी पैड्स को सही तरह से तय डिब्बे में नहीं डाला गया तब भी स्कूब प्रबंधन 500 रुपए का जुर्माना वसूलेगा। आपस में बात नहीं करेंगे। वे स्कूल के खिलाफ कोई आंदोलन नहीं कर सकते हैं। उन्हें इस संबंध में प्रबंधन और मीडिया से संवाद करने की भी मंजूरी नहीं है।