पद्मावती पर रोक लगाने वाले मुख्यमंत्रियों को पद्मावत से परेशानी क्यों नहीं?

Padmavat
Sanjay Leela Bhansali's controversial period film renamed to Padmavat and scheduled to be released on 25th January...
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योगी आदित्यनाथ सहित प्रतिबंध लगानें वाले मुख्यमंत्रियों को अब फिल्म पद्मावत पर अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहिए…

Shabab Khan
शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

विचार: यह तय माना जा रहा है कि सेंसर बोर्ड और फिल्म के निर्माता निर्देशक संजय लीला भंसाली में आपसी सहमति बन गई है, इसलिए पद्मावती से पद्मावत बनी फिल्म अब 25 जनवरी को रिलीज हो जाएगी। कहा जा रहा है कि फिल्म में बदलाव को लेकर इतिहासकारों की जो कमेटी बनी थी, उसके सुझावों पर बदलाव कर दिया गया है।

सब जानते हैं कि फिल्म पर जब विवाद शुरू हुआ, तब राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित यूपी, एमपी, गुजरात, महाराष्ट्र आदि भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने प्रदेश में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी। हालांकि यह रोक अभी भी लगी हुई है। लेकिन अब जब फिल्म को फिर से रिलीज करने की कवायद हो रही है तब देश की जनता के सामने इन मुख्यमंत्रियों को यह बताना चाहिए कि क्या फिल्म के बदलाव से वे संतुष्ट है। क्या उन्हे वास्तव में पता है कि फिल्म में अापत्तिजनक क्या था और क्या अब सभी आपत्तिजनक सीन फिल्म से सेंसर हो चुके है?

इन मुख्यमंत्रियों को अपनी स्थिति इसलिए भी स्पष्ट करनी चाहिए क्योंकि अभी भी राजपूत समाज फिल्म के विरोध में है।

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के नेतृत्व वाली करणी सेना ने तो एक बार फिर कहा है कि फिल्म दिखाने वाले सिनेमा घरों को परिणाम भुगतान होंगे। ऐसे में यदि फिल्म का प्रदर्शन होता है तो कानून-व्यवस्था बिगड़ने का भी डर है।

पूर्व में भी गुजरात विधानसभा के चुनावों को देखते हुए फिल्म के प्रदर्शन को टाल दिया गया था और राजस्थान में दो लोकसभा और एक विधानसभा के उपचुनाव 29 जनवरी को होने हैं। चूंकि यह फिल्म राजस्थान के चित्तौड़ के इतिहास से जुड़ी हुई है, इसलिए राजस्थान में फिल्म का खास महत्व है। अजमेर संसदीय क्षेत्र में तो राजपूत समाज का खासा प्रभाव है।

8 जनवरी को राजस्थान के गृह राज्यमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा है कि फिल्म पद्मावत राजस्थान में फिलहाल रिलीज नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चूंकि इस फिल्म से कानून व्यवस्था बिगड़ने का अंदेशा है। इसलिए पूर्व में सरकार ने फिल्म के प्रदर्शन पर जो रोक लगाई है वह आगे भी जारी रहेगी।

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