Pappu Yadav

राज्य सरकार के व्यवहार से मर्माहत सांसद दे सकते हैं इस्तीफा

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Pankaj Pandey

पंकज पाण्डेय

पटना। जन अधिकार पार्टी (जप) के संरक्षक व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव लोकसभा से इस्तीफा दे सकते हैं। राज्य सरकार के व्यवहार से आहत सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर सदन में सांसदो के अधिकार को स्पष्ट करने का अनुरोध भी किया है। ऐसा नहीं होने पर वह लोकसभा से इस्तीफा दे सकते है।

शुक्रवार की सुबह सांसद ने “आपका सेवक आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत पाटलिपुत्र स्थित रुबन अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को लेकर विमर्श किया। इस दौरान कई मरीजों की आर्थिक मदद भी की।

उन्होंने शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र की कॉपी जारी करते हुए पत्रकारों से कहा कि लोकसभा अध्यक्ष पर सांसद के अधिकार और कर्तव्यों की रक्षा करने की जिम्मेवारी है। 7 जनवरी को प्रशासन की अनुमति के आइजीआइएमएस में आपका सेवक आपके द्वार का आयोजन किया था।

उन्होंने राज्य सरकार पर साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य सचिव एवं गृह सचिव के निर्देश पर उनके विरुद्ध शास्त्रीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। राज्य सरकार के व्यवहार से मर्माहत पप्पू यादव लोकसभा के अगले सत्र में वे राज्य सरकार के व्यवहार का मामला उठाएंगे।

पप्पू यादव ने कहा कि दहेज प्रथा और बालविवाह के खिलाफ 21 जनवरी को जागरूकताो के नाम पर बनने वाली मानव श्रृंखला सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग है। इसका विरोध जनता को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के चार न्यायाधीशों ने जिस तरह से लोकतंत्र को लेकर चिंता जताई है। वह गंभीर विषय है। इसपर चर्चा के लिए लोकसभा का विशेष सत्र 48 घंटे के अंदर बुलाया जाना चाहिए।