PM Narendra Modi

पीएम मोदी की नजर अब ‘दक्षिण भारत’ पर

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नई दिल्ली। पूर्वी भारत के विभिन्न राज्यों के दो दिवसीय दौरे के दौरान तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी और कांग्रेस को उनके गढ़ों में समेटने की कोशिश करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब ‘मिशन दक्षिण भारत’ का अलख जगाएंगे। मोदी रविवार को आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक में विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला एवं लोकार्पण करने के बाद सार्वजनिक रैलियों को संबोधित करेंगे। भाजपा सूत्रों के अनुसार, मोदी आंध्र प्रदेश के गुंटूर एवं तमिलनाडु के तिरुप्पुर के पेरुमानल्लूर गांव में परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

मोदी शाम में जनता दल (एस) -कांग्रेस गठबंधन शासित कर्नाटक के हुबली में रैली को संबोधित करेंगे। मार्च 2018 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के बाहर निकलने के बाद से प्रधानमंत्री की आंध्र प्रदेश की पहली यात्रा क्षेत्रीय पार्टी और कांग्रेस की ओर बड़े विरोध प्रदर्शन प्रयासों के बीच होगी। नायडू ने शनिवार को कहा कि हम सभी को एकजुट होकर उनकी (मोदी की) यात्रा और उनके विश्वासघात का विरोध करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आंध्र को विशेष दर्जा देने का अपना वादा तोड़ने के बाद, मोदी आंध्र प्रदेश में कैसे पैर रख सकते हैं? हालांकि, भाजपा की राज्य इकाई ने कहा है कि तेदेपा को डर है कि प्रधानमंत्री मोदी मुख्यमंत्री को बेनकाब करेंगे क्योंकि वह सभाओं में 2014 से आंध्र प्रदेश को दी जाने वाली धनराशि और अन्य मदद के बारे में बताएंगे। मोदी ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए, भारतीय सामरिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड की 1.33 एमएमटी विशाखापत्तनम रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व सुविधा राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

वह आंध्र प्रदेश में कृष्णा-गोदावरी अपतटीय बेसिन में स्थित ओएनजीसी की वशिष्ठ और एस 1 विकास परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे। वह कृष्णपत्तनम में भारत पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड के एक नये टर्मिनल स्थापित करने के लिए आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री के तमिलनाडु के त्रिपुर में 100-बिस्तर कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) स्वास्थ्य सुविधा, त्रिची हवाई अड्डे पर एक नई एकीकृत इमारत और चेन्नई हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण सहित अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास करने की संभावना है।

कर्नाटक में, वह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान-धारवाड़ की आधारशिला रखेंगे। धारवाड़ में सिटी गैस वितरण परियोजना भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके अलावा कई अन्य परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी और लोकार्पण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मोदी ने शुक्रवार और शनिवार को पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों की अपनी यात्रा के दौरान ममता बनर्जी, वाम दलों और कांग्रेस पर जमकर प्रहार किया।

उन्होंने जलपाईगुड़ी में बनर्जी पर कटाक्ष किया और अफसोस जताया कि भारत के इतिहास में पहली बार कोई मुख्यमंत्री गरीबों को लूटने वालों की रक्षा करने के लिए धरना पर बैठा है। असम में, प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर के लोगों को आश्वासन दिया कि नागरिकता संशोधन विधेयक किसी भी तरह से उनके हित को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। असम समझौते के क्रियान्वयन की उपेक्षा के साथ कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा के असंतुष्ट इस मुद्दे पर झूठ का प्रसार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नागरिकता राज्य सरकारों की उचित जांच और सिफारिश के बाद ही दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार उन लोगों को आश्रय देने के लिए प्रतिबद्ध है जो पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यक हैं और अत्याचार के बाद उन्हें अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। अगरतला में, उन्होंने वाम दलों पर हमला करते हुए कहा कि वे (वाम दल) फिर से केंद्र में एक ‘मज़बूर (कमजोर)’ सरकार के लिए उत्सुक हैं।