गीतांजली

पीएनबी धोखाधड़ी मामला: फायरस्टार वित्त प्रमुख विपुल अंबानी गिरफ्तार

20

कंपनी के चार अन्य प्रमुख अधिकारी कविता मानकीकर, कपिल खंडेलवाल, नितिन शाही,  अर्जुन पाटिल भी गिरफ़्तार…

PNB-Nirav Modi Case

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

 

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को फायरस्टार इंटरनेशनल के अध्यक्ष (वित्त) विपुल अंबानी और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 11,400 करोड़ रुपये के फर्जी लेनदेन में फंसे कंपनियों के चार अन्य मुख्य अधिकारियों को गिरफ्तार किया।

फायरस्टार इंटरनेशनल ग्रुप के फायरस्टार डायमंड्स के अध्यक्ष (वित्त) अंबानी को निरव मोदी और अन्य लोगों से मिलीभगत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा, “उन पर घोटाले में शामिल होने का आरोप है।”

तीनों कंपनियों के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता कार्यकारी सहायक कविता मानकीकर और फायरस्टार समूह के एक वरिष्ठ अधिकारी अर्जुन पाटिल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

गीतांजली-मेहुल चोकसी मामले में बैंक को 4,887 करोड़ रुपये का नुकसान पहुँचाने के लिये सीबीआई ने नक्षत्र और गीतांजली समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी कपिल खंडेलवाल के अलावा गीतांजलि समूह के एक प्रबंधक नितिन शाही को गिरफ्तार किया था। इससे पहले मंगलवार को सीबीआइ ने निरव मोदी की कंपनियों और मेहुल चोकसी के 10 समूह के साथ काम करने वाले आठ अधिकारियों के अलावा कार्यकारी निदेशक सहित 10 अन्य पीएनबी अधिकारियों से पूछताछ की थी।

मोदी के अलीबाग फार्महाउस को भी सीबीआई नें खगांला है। सीबीआई ने पहले पांच पीएनबी अधिकारियों सहित छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। सोमवार को गिरफ्तार किए गए लोगों में विदेशी मुद्रा विभाग के चीफ मैनेजर और प्रभारी बेहू तिवारी थे। विदेशी मुद्रा विभाग में तत्कालीन प्रबंधक यशवंत जोशी, और प्रफुल्ल सावंत, शाखा के निर्यात इकाई में एक अधिकारी इससे पहले मंगलवार को ब्यूरो ने मोदी की कंपनियों के साथ काम करने वाले आठ अधिकारियों और मेहुल चोकसी के 10 समूह के अलावा कार्यकारी निदेशक सहित 10 अन्य पीएनबी अधिकारियों से सवाल किया।

जांच दल ने पर्यवेक्षी बैंक अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि वो तत्कालीन उप-प्रबंधक गोकुलानाथ शेट्टी पर धोखाधड़ी से लेन-देन को पूरा करने के प्रयास करने का दोष मढ़ रहें है, जो इस मामले में पहले गिरफ्तार हो चुके हैं। अभियुक्त अधिकारियों ने SWIFT मैसेजिंग सिस्टम के माध्यम से दैनिक लेनदेन पर नजर रखने के लिए उत्तरदायी थे। प्रवर्तन निदेशालय ने 10 करोड़ रूपए की अधिक संपत्ति को जब्त किया है और 120 शेल कंपनियों की पहचान की है जिसके माध्यम से धन का पिछले कुछ सालों से कथित तौर पर आदान-प्रदान किया जा रहा था।

एक अधिकारी ने कहा, “जबकि शेल कंपनियों में से 79 कथित तौर पर चोक्सी से जुड़े हैं, वहीं अन्य मोदी, उनके भाई निशाल और उनके संपर्कों से जुड़े हैं।” ईडी ने कथित अपराधों की आय के रूप में मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम की रोकथाम के तहत विभिन्न आरोपी लोगों के 39 अचल संपत्तियों को जब्त करने को पहचान की है।

shabab@janmanchnews.com