फ़ुल फ़ार्म में अदिति सिंह: सदन में प्रदूषण एवं उर्जा व्यवस्था को कटघरे में किया खड़ा

अदिति
Congress MLA from Rae Bareli seems to be in attacking mode in house...
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युवा विधायक अदिति सिंह रायबरेली सदर से कांग्रेस का बड़ा हथियार हैं, और इसकी बानगी उनके हथोड़े जैसे सवाल की सदन में गूंज है…

Rahul Yadav
राहुल यादव

 

 

 

 

 

रायबरेली: सदर विधायक अदिति सिंह ने विधानसभा के प्रथम बजट सत्र में योगी सरकार के परिवहन एवम नगर विकास मंत्री से प्रदेश में व्याप्त प्रदूषण एंव उर्जा व्यवस्था का मुद्दा उठाया।

अदिति सिंह ने सदन में पूछा कि क्या नगर विकास मंत्री बताने की कृपा करेंगे कि प्रदेश के सभी महानगरों एवं नगरों में लगातार बढ़ रहे वाहनों तथा उनसे उत्सर्जित धुएं के कारण वायु प्रदुषण में बढ़ोत्तरी हुई है?

उन्होने परिवहन एवम नगर विकास मंत्री से पूछा कि क्या सरकार वाहनों से कार्बन एवं जहरीली गैस के उत्सर्जन में बढ़ोत्तरी तथा उसके व्यापक दुष्प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी सार्वजनिक वाहनों को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत से संचालित किये जाने हेतु प्रभावी कार्य योजना बनाकर उसे लागू करेगी और यदि नहीं तो क्यों?

विधायक नें नेशनल ऐक्शन प्लान में उत्तर प्रदेश का प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रदेश सरकार की पॉलिसी है के बारें में एवं प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रदेश में नई टेकनोलोजी के तौर पर प्रदेश सरकार की योजना से सम्बंधित सवाल उठाये।

सवाल पर परिवहन विभाग से राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्रदेव सिंह जी ने स्वीकार करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी महानगरों एवं नगरों में बढ़ रहे वाहनों तथा उनसे उत्सर्जित धुएं के कारण ही वायु प्रदूषण में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है बल्कि इसके अनेक अन्य कारक भी उत्तरदायी हैं जिनमें निर्माण कार्यो से जनित प्रदूषण, कृषि अवशेषों/अपशिष्टों को जलाये जाने, डीजल जेनरेटर सेट का प्रयोग, औद्योगिक प्रदूषण, यातायात का निर्बाध संचालन न होना एवं रोडडस्ट का रिसस्पेंशन आदि प्रमुख कारक है।

परिवहन विभाग से राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्रदेव सिंह जी ने बताया कि पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा परंपरागत ऊर्जा के अन्य सुरक्षित ईधन पर आधारित वाहनों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है।

बैट्री चालित वाहनों को परमिट की श्रेणी से मुक्त रखा गया है। इसके अतिरिक्त परिवहन विभाग द्वारा निजी प्रयोग के बैट्री चालित कार तथा दुपहिया वाहनों को पंजीयन के समय कर से भी मुक्त रखा गया है।

सुश्री अदिति सिंह जी ने सदन में ऊर्जा मंत्री से पूछा कि क्या उर्जा मंत्री बताने की कृपा करेंगे कि प्रदेश में हो रही अघोषित विद्युत कटौती से जन-जीवन प्रभावित है? क्या सरकार बतायेगी कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत कटौती की समय सीमा क्या है? क्या उसे रोकने के लिये सरकार कोई ठोस कदम उठा रही है, यदि हाँ तो उसका विवरण क्या है?

सवाल पर उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने स्विकार करते हुए कहा कि आंधी, तूफान, स्थानीय व्यवधान अथवा राष्ट्रीय ग्रिड की सुरक्षा के परिप्रेक्ष्य में कभी-कभी आकस्मिक कटौती करनी अपरिहार्य हो जाती है। स्थिति सामान्य होने पर आपूर्ति पूर्व की भांति कर दी जाती है। प्रदेश में वर्तमान में विद्युत आपूर्ति शेड्यूल (ग्रामीण 18 घंटे, तहसील 20 घंटे एवं शहर 24 घंटे) के सापेक्ष, शहरी क्षेत्र में औसतन 23:10 घंटे, ग्रामीण 18 घंटे एवं तहसील 20 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है।

वर्तमान में घोषित रोस्टर के अनुसार प्रदेश में कोई विद्युत कटौती नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में 06 घंटे, तहसील क्षेत्रों में 04 घंटे एवं बुन्देलखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में भी 04 घंटे विद्युत कटौती निर्धारित की गई है।

अदिती सिंह नें सदन को बताया कि केंद्र की प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक प्रदेश के वाराणसी में हवा प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक पाया गया है एवं डबल्यू.एच.ओ. द्वारा भारत की 20 सबसे अधिक प्रदूषित शहर की सूची में प्रदेश से कानपुर, इलाहाबाद, फ़िरोजाबाद एवं लखनऊ का नाम शामिल है। इसलिए सरकार को प्रदेश में प्रदूषण नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

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