karauli sanitation problem

पूरे देश में एक कदम स्वच्छता की ओर, सूरौठ क्षेत्र में एक कदम गन्दगी की ओर

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Shubham Tiwadi

शुभम तिवाड़ी की रिपोर्ट,

करौली। हिण्डौन उपखण्ड के सूरौठ क्षेत्र में आज भी बदहाल स्थिति नरकीय जीवन में जीवन गुजारने को मजबूर है। सूरौठ के बाशिंदे सूरौठ हिंडोन पंचायत समिति के अधीनस्थ सूरौठ ग्राम पंचायत और उप तहसील का दर्जा मिलने के बावजूद भी जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी का शिकार हो रहा है।

यही कारण है कि इस क्षेत्र में ना तो किसी प्रकार की व्यवस्था है न ही स्थानीय रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए उचित सुविधा और तो और यहाँ के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की हालत किसी बूचड़खाने से कम नहीं हैं। यहां के बाशिंदे मजबूरन नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।

अनदेखी का आलम यह है कि सरकारी भूखंडों और जलाशय क्षेत्रों में लोगों ने दबंगई से अतिक्रमण कर रखा है और पक्के निर्माण भी नजर आ रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी ऐसे सामाजिक लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने से हिचकिचा रहे हैं। हिंडोन बयाना मार्ग  के बीच सूरौठ उप तहसील है।

यहां के मुख्य मार्ग पर भी कई जगह अतिक्रमण हो रहे हैं और न ही यहाँ पानी निकलने की कोई व्यवस्था है। जिससे आसपास के घरो में गन्दा पानी भरने की नौबत बनी हुयी हैं। हालांकि तत्कालीन जिला कलेक्टर नीरज के पवन ने अपने कार्यकाल में एक नई पहल करते हुए मुख्य मार्ग से अतिक्रमण हटाने को लेकर कार्यवाही शुरु की विरोध के बाद भी कई जगह से अतिक्रमण हटाए लेकिन उनके स्थानांतरण होने के बाद स्थिति जस की तस बनी हुई है। सड़कों पर कीचड़ जमा हुआ है राह से गुजरने वाले राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।