karauli main road

क्षतिग्रस्त सड़कों पर जोखिम भरी यात्रा, जिम्मेदार अधिकारी थोप रहे हैं एक-दूसरे पर आरोप

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Shubham Tiwadi

शुभम तिवाड़ी

करौली। प्रदेश में सरकार शहरी विकास और सड़कों के निर्माण से यातायात सुविधाएं बढ़ाने का भले दावा करती हो। मगर हिण्डौन उपखण्ड की सड़कें हालात कुछ ओर बयां कर रहे हैं। चाहे जयपुर, दिल्ली, अलवर मेगा हाई वे मुख्य मार्ग हो या नगर परिषद क्षेत्र की सड़कें, सभी क्षतिग्रस्त अवस्था मे मरणासन पड़ी हुई है।

वहीं बारिश से बड़े-बड़े गड्ढों में लबालब पानी भरा है। ऐसे में वाहन चालकों को हिण्डौन की सड़कों पर गुजरते हुए दुखद यात्रा के अनुभव के साथ गम्भीर हादसों का भी भय बना हुआ है। सबसे व्यस्तम स्टेशन मार्ग की दुर्दशा होने के कारण सवारियों और स्कूली बच्चों से भरे साधन आये दिन पानी से भरे गड्ढो में फस रहे है। कई बार दुपहिया वाहन चालक ओर उनमें बैठी सवारियां गिरकर चोटिल हो चुके है।इस मुख्य मार्ग का निर्माण और मरम्मत कई वर्षों से नही हुआ है जिसके कारण हर बारिशो में टूटी हुई सड़के जलमग्न हो जाती है।ओर मजबूरन वाहन चालकों को यात्रा करना पड़ता है।

गौरतलब है कि अब इसके मरम्मत ओर निर्माण को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने शिकायत भी की लेकिन एक ओर पीडब्ल्युडी तो दूसरी ओर आरएसआरडीसी विभाग के उच्चस्थ अधिकारीगण एक-दूसरे विभाग पर आरोप लगा कर अपनी-अपनी जिम्मेदारी से बचकर निकल रहे हैं।

इतना ही नहीं इस मार्ग पर प्रदेश के कई मंत्रियों, प्रशासनिक महकमों के बड़े अधिकारी और जिले के अधिकारी, प्रभारी मंत्री, क्षेत्रीय सांसद, विधायक भी हिचकोले भरे डगर में यात्रा तो करते है लेकिन रुककर समस्याओं पर ध्यान नहीं देते हैं। यही कारण दोनों महकमा मजे की नींद ले रहा है और स्टेशन मार्ग लावारिश अवस्था में टूटता जा रहा है।

इस मार्ग पर जिले की प्रसिद्ध आस्था स्थली श्री महावीर जी, श्री कैलादेवी के लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष पधारते हैं। इसके बाद भी विभागीय अधिकारियों द्वारा आवागमन के मुख्यत मार्ग के निर्माण प्रक्रिया की कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं।