रामबाबू

कुख्यात अपराधी रामबाबू को वाराणसी पुलिस नें ठोंका, साथी फरार

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पुलिस नें रामबाबू के पैर में गोली मारकर उसे तो अस्पताल पहुँचा दिया लेकिन जैसा कि ज्यादातर पुलिस मुठभेड़ में होता है उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया…

Tabish Ahmed

ताबिश अहमद

 

 

 

 

 

 

वाराणसी: सारनाथ थाना क्षेत्र के सिंहपुर पुलिया के पास का इलाका आज शाम गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। सारनाथ थाना क्षेत्र के सिंहपुर पुलिया के पास पुलिस मुठभेड़ में कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर 25 हजार का इनामी बदमाश रामबाबू यादव घायल हो गया, वहीं उसका दूसरा साथी दीपक वर्मा अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह के साथ साथ जिले के आला अधिकारी भारी पुलिस फ़ोर्स के साथ पहुंच गये। मौके पर से बिना नम्बर प्लेट की बाईक और पिस्टल बरामद पुलिस ने बरामद किया है।

रामबाबू

Wounded Rambabu admitted to DDU Emergency Ward, a bullet shattered his leg…

फिलहाल पुलिस ने घायल बदमाश को दीनदयाल राजकीय जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बदमाश के पैर में गोली लगी है। पकड़ा गया बदमाश दशाश्वमेध और कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशिटर है। उसके ऊपर कई सारे हत्या और हत्या के प्रयास के मुक़दमे दर्ज है। वहीं मौके से अँधेरे का फायदा उठाकर फरार होने वाला अपराधी दीपक वर्मा लक्सा थाने का हिस्ट्रीशिटर है।

बता दें कि आज मुठभेड़ में घायल अवस्‍था में पकड़ा गया रामबाबू 2010 में सिद्धगिरी बाग क्षेत्र में मारे गए मुन्ना बजरंगी गिरोह के शार्प शूटर बाबू यादव का भांजा है।

रामबाबू ने 30 सितम्बर 2011 को ख़ालिसपुरा दशाश्वमेध में लस्सी विक्रेता गोपाल यादव की भी 9 एमएम की पिस्टल के लेन देन के विवाद में हत्या कर दी थी। इस हत्या में उसके साथ 29 जुलाई 2015 को एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया रोहित सिंह उर्फ सनी सिंह भी शामिल था।

फिलहाल, पुलिस तथाकथित अपराधी जो मुठभेड़ के वक्त रामबाबू के साथ था और जो अंधेरे का लाभ उठाकर पुलिस की घेरेबंदी को तोड़कर भाग गया था उसकी सरगर्मी से तलाश जारी है।