रीवा के कई गांवों में छाया जल का भयंकर संकट, गांवों में मचा हाहाकार, जनता हुई परेशान

water crisis
janmanchnews.com
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ईशू केशरवानी
ईशू केशरवानी

रीवा। जिले के तहसील त्यौथर में इस समय पानी का समस्या से हाहाकार मचा हुआ है। तहसील के कई गाँवों में जल संकट छाया हुआ है, गर्मी की शुरूआत होते ही क्षेत्रों में जल स्तर नीचे खिसक जाने से हैंडपंप सो पीस हो जाते है, जिससे क्षेत्र में पानी का संकट काफी हद तक बढ़ जाता है।

जानकारी के मुताबिक त्यौथर तहसील के गाँवों में कई महीनों से पानी कि किल्लत बनी हूई है। जिससे ग्रामीण इलाकों में स्थित हैंडपंप बंद पड़े हुए है। वहीं कुछ शासकीय हैंडपंपों में रसूखदारों ने कब्जा जमाकर रखा है, जिससे जनता को पानी मुहैया नहीं हो पा रहा है।

जहाँ कहीं भी हैंडपंप चल भी रहे हैं। वहाँ पानी के लिए उधम मची हूई है। जनता को पानी के लिए मजबूरन इधर से ऊधर भटकते रहे हैं। महिलायें व पुरूष दूरदराज के स्थानों से साइकिलो में डिब्बा लटका कर दूर दराज से पीने के लिए पानी ढोने के लिए मजबूर हैं।

त्यौथर एवं दर्जनों ऐसे गांव है जहाँ घोर जल संकट की स्थिति जनता के बीच बनी हूई है। वर्तमान मे समूचा तराई क्षेत्र इस वर्ष कम बारिश होने के कारण पानी के संकट जनता जूझ रही है। त्यौथर विधान सभा के पश्चिमी क्षेत्र के भोथी, बरौ, टगहा, नौवस्ता, बिछिया, रामपुर, फुलदेउर, गढ़ी, घटेहा, गोदखुर्द, गोदकला, बरहा, कूड़ी, सूती, पटहट, सोहर्वा, चौखणा आदि गांव पानी के समस्या से जूझ रहे हैं।

जिससे वहाँ पानी भरने के लिए आये दिन विवाद की स्थिति भी बनी रहती है। जहाँ कहीं हैंडपंप चल भी रहे वहां जनता डिब्बा लेकर इक्ठ्ठा हो जाती है, जिससे वहाँ बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाती है और 1-2 डिब्बे पानी के लिए हैंडपंप के पास कई घंटों तक खड़े रह कर इंतजार करना पड़ता है, तब जाके कहीं पानी मिल पाता है। और उतने पानी में ही काम चलाना पड़ रहा है। वहीं पानी की किल्लत होने से पशु, पक्षी, सभी प्रकार के जानवर सब त्रस्त हैं।

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