कचरा डंपिंग की दुर्गंध से ग्रामीणों का हुआ जीना मुश्किल

dumping area
janmanchnews.com
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ईशू केशरवानी
ईशू केशरवानी

रीवा। शहरभर का कचरा अभी तक कोष्टा गांव में डंप किया जा रहा था। लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध कारना एवं धरना शुरू कर दिया है। लगातर दो दिनों से ग्रामीणों ने कचरा उठा रही कंपनी के वाहनों को कोष्टा में नही घुसने दिया। दूसरा स्थान न होने से शहर से नकलने वाले कारीब 120 टन कचरा शहर में ही डंप रह गया। शहर में पड़े कचरे ने शहर में दुर्गंध फैला दी है।

यदि जल्द कोई ठोस कदम नहा उठाया गया तो स्थति भयावह हो जाएगी। कोष्टा में कचरा डंपिंग पाइंट के विरोध में ग्रामीणों ने बुधवार से ही धरना प्रदर्शन शुरू किया था। गरुवार को भीं सैकड़ों लोग विरोध में धरने पर बैठे रहे। शहर से कचरा डंप करने गए वाहनां को ग्रामीणों ने विरोध कर वापस कर दिया था। जिससे कचरा डंप नहीं हो सका।

कचरा से लदें वाहन वापस शहर में ही लौट आएं और मानस भवन के समीप डंपिंग प्वाइंट में खड़े कर दिए गए। जगह न होने के कारण कचरा कंपनी ने शहर से ही कचरा उठाना बंद कर दिया। जिससे रीवा शहर में चारों तरफ फैले कचरे से गंदगी फैल रही है। शहर के चौराहों पर मुख्य बाजार सहित कचरो के सभीं डस्टबिन भर हुए हैं।

वहीं मामले को लेकर कांग्रेस और आप नेता ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे विरोध के समर्थत में गुरुवार को वार्ड पार्षद विनोद शर्मा, कांग्रेस प्रवक्ता संजय सिंह व आम आदमी पाटीं से बलेन्द्र शुक्ला ग्रामीणों का समर्थन करने पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से कहां कि वह इस आंदोलन में उनके साथ है और जब तक नगर निगम द्वारा यह से कचरा उठाया नहीं जाता और डंप करना बंद नहीं कर देती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

साथ ही नगर निगम के अधिकारी अरूण मिश्रा ने बताया कि कचरा डंप करने की जगह नहीं होने के कारण शहर का कचरा शहर में ही डंप पड़ा हुआ हैं। एवं मरे मवेशियों को भी नही उठाया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है।

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