सीमेंट-बालू नही, मिट्टी का प्रयोग कर बनाई जा रही है सड़क, मुहल्लेवालों की शिकायत पर जनमंच ने की पड़ताल

Construction of Road with Raw Mud and Waste Building Material...
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ग्राम पंचायत करवा रही है सड़क का निर्माण, ऊँगलियां ग्रामसभा प्रमुख पर भी उठ रही हैं…

Rahul Yadav
राहुल यादव

रायबरेली: जनपद के गोविंदपुर वलौली ग्रामसभा के अंतर्गत तौधकपुर रोड स्थित नई बस्ती मुहल्ले में इंटरलॉक रोड बनवाने का कार्य अखण्ड सिंह नाम के ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है।

रोड बनवाने में मानक के विपरीत निर्माण सामाग्री का इस्तमाल करने पर नई बस्ती मुहल्ले के नागरिकों नें इसका विरोध किया, उनका कहना है कि एक ही बारिश में पीली मिट्टी पानी को सोखकर दलदली बन जाएगी और नई सड़क उसमें धंस जाएगी, जिससे सड़क पर चलना दुश्वार हो जाएगा। नई बस्ती के लोगो नें ग्रामसभा प्रमुख से भी इसकी शिकायत की, लेकिन काम उसी तरह चलता देख उन्होंने इस संवाददाता से संपर्क किया।

दरअसल, रोड पर ईट बिछाकर बालू सीमेंट से दो ईटों के बीच की जगह भर दी जाती है ताकि सड़क से ईंट उखड़ न सके। लेकिन ईटों को बिछाने से पहले जमीन को समतल करवाकर उस पर गिट्टी डालकर दबाया जाता है, उसके बाद गिट्टी पर सीमेंट बालू डालकर ईंटों को जमा दिया जाता है, फिर ईटों की अापस में जुड़ाई की जाती है।

इसमें सीमेंट और बालू का मसाला बनानें में दोनों के अनुपात का मानक भी तय है, लेकिन ज्यादातर ठेकेदार लालच में पड़कर मसाला बनाने में सीमेंट नाम मात्र की डालकर बालू ज्यादा मिलवा देते हैं जिससे रोड की ईंटे उखड़ने लगती हैं। लेकिन रायबरेली के इस ग्रामसभा में कहानी इससे भी बद्तर दिखाई दी।

जब इस संवाददाता नें मौके पर जाकर पड़ताल किया तो पाया कि निर्माणधीन सड़क पर गिट्टी की जगह बेकार पड़े मलबे की पतली परत डालकर उसे दबा दिया गया है। उस पर सीमेंट बालू डालकर ईंट बिछानें की जगह पीली मिट्टी डाल दी गई है जिसपर ईंटे बिछाने का कार्य होना है। इससे जबतक बारिश नहीं होती तब तक तो ईटें जगह पर रहेंगीं लेकिन पानी पड़ते ही मिट्टी दलदली बन कर नीचें की तरफ धंसने लगेगी और दो ईटों के बीच की जगह से गीली मिट्टी उपर आ जाएगी जिससे उस पर चलना मुश्किल हो जाएगा।

संवाददाता नें जब ठेकेदार अखंड सिंह से इस विषय में फोन पर बात किया तो उन्होने आरोप से इंकार करते हुये कहा कि अभी कार्य जारी है और सड़क पर पीली मिट्टी नही सीमेंट-बालू के प्लास्टर पर ईटें बिछाई जायेंगी। जबकि हम तस्वीरों में साफ देख रहे हैं कि गिट्टी के ऊपर पीली मिट्टी डाली जा चुकी है, क्या आरोपों को नकारने वाला ठेकेदार पीली मिट्टी के ऊपर सीमेंट बालू की परत बिछवायेगा? अगर ऐसा है तो फिर सड़क बनवाने की इस महान तकनीक को शायद हम अमेरिका और जापान को बेचकर देश की विदेशी मुद्रा भण्डार में बढ़ोतरी कर सकते है। फिलहाल हमारी नज़रे निर्माण कार्य पर टिकी रहेगीं।

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