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जंगलराज: बनारस में अब सपा नेता की गिरी लाश, शहर में 15 दिनों के अंदर हुई चौथी हत्या

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समाजवादी युवाजन सभा के जिला सचिव और नाविक समाज के नेता प्रभु साहनी को बदमाशों ने मारी गोलियां…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

 

वाराणसी: उत्‍तर प्रदेश में कानून-व्यावस्था की हालत दिन ब दिन बिगड़ती चली जा रही है। तमाम एंकॉउंटरों और यूपी सीएम के दावो-वादों का बदमाशों पर क्या असर पड़ा इसकी बानगी एक के बाद एक गिरती लाशें खुद ब खुद बयान कर रही हैं। यूपी में हत्याओं का दौर थमनें का नाम नही ले रहा है।

ताजा मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र का है। वाराणसी में शुक्रवार को बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करके समाजवादी पार्टी के नेता प्रभु साहनी की हत्‍या कर दी। प्रभु समाजवादी युवजन सभा के जिला सचिव थे और नाविक समाज के नेता भी माने जाते थे। मंदिर से लौटते समय चौक थाना क्षेत्र के सिंधिया घाट पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर प्रभु को मौत के घाट उतारा। फिलहाल मौत की वजह पाटीदारो से लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी बताई जा रही है।

प्रभु साहनी यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की युवा टीम में काफी एक्टिव रहते थे। वाराणसी में समाजवादी पार्टी युवजन सभा के जिला सचिव के रूप में लंबे वक्त से राजनीति में सक्रिय प्रभु शुक्रवार को सुबह संकटा जी मंदिर दर्शन करने गए थे और वहां से लौट रहे थे। सिंधिया घाट पर सीढ़ियां उतर ही रहे थे तभी दो की संख्या में आये अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। 3 राउंड से ज्यादा फायरिंग में एक गोली प्रभु के सीने पर बाईं ओर जा लगी। जिससे वह मौके पर ही गिर पड़े।

इस दौरान वहां स्‍थानीय लोगों की भीड़ लग गई और इलाके में हड़कंप मच गया। जब तक स्थानीय लोग कुछ समझते और उन्‍हें अस्पताल पहुंचाते तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। प्रभु के छोटे भाई शंभू साहनी ने बताया कि प्रभु का अपने ही ताऊ के बेटे विनोद निषाद उर्फ गुरु, शिव निषाद और जितेंद्र निषाद से जो उसके पाटीदार भी थे  बीते 20 सालों से ज्यादा वक्त से दशाश्वमेध घाट पर नाव बांधने को लेकर विवाद चल रहा है।

बताया जा रहा है कि इसे लेकर गुरुवार को दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी और प्रभु को धमकी भी दी गई थी जिसकी शिकायत पुलिस से भी हुई थी। शुक्रवार शाम को पुलिस ने दोनों पक्षों को सुलह समझौते के लिए बुलाया भी था। लेकिन उससे पहले ही प्रभु को गोली मार दी गई।

फिलहाल इस मामले को लेकर एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और 3 लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। जहां तक परिजनों ने अपने चचेरे भाई पर आरोप लगाया है। इसे लेकर परिजनों ने नामजद तहरीर दी है। इस हत्या के आरोपियों की तलाश क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है। एसएसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया इस मामले में नाव चलाने को लेकर काफी पुरानी लड़ाई की बात सामने आई है। उनका कहना है कि दोनों परिवारों के बीच घाट के किनारे नाव लगाने को लेकर काफी पुरानी लड़ाई चली आ रही है, जिसकी पृष्ठभूमि की जांच किया जा रहा है।

मौके पर पहुंचे समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष पीयूष यादव ने बताया कि प्रभु साहनी समाजवादी पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता था और हाल ही में हुए निकाय चुनाव में उसने बंगाली टोला वार्ड से पार्षद का चुनाव भी लड़ा था। हालांकि उसे जीत हासिल नहीं हो सकी थी लेकिन अपनी व्यावहारिकता की वजह से वह लोगों के बीच काफी प्रचलित था।

सपा नेता की हत्या की खबर सुनते है सपाजनों की भीड़ सिंह मेडिकल के बाहर जमा हो गई, किसी भी विकट स्थिति से निपटनेे के लिए भारी पुलिस बल अस्पताल के बाहर तैनात कर दिया गया। आईजी रेंज दीपक रतन भी सिंह मेडिकल पहुँचे और समाजवादियों और परिजनों को किसी तरह समझा बुझा कर बॉडी को बीएचयू पोस्ट मार्टम के लिए भिजवाया।