सिर्फ पचास हजार रुपये के लिए विवाहित को घर से निकाला

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Santosh Raj
संतोष राज
समस्तीपुर। बिहार सरकार हाल ही में गांधी जयंती पर राज्य सरकार द्वारा शुरू किये गये बाल विवाह और दहेज मुक्त बिहार बनाने के अभियान शुरू किये। साथ ही जागरूकता फैलाने के लिए सरकार महिला विकास निगम द्वारा इसे कार्यरूप देने के लिए एक एक्शन प्लान तैयार।

समस्तीपुर जिला के खानपुर थाना क्षेत्र के मधु टोला में महज 50 हजार रुपये के लिए एक विवाहिता को घर से निकाल देने का मामला सामने आया है।

दरअसल, दहेज पीड़िता गुड़िया की शादी 2011 में  समस्तीपुर जिले के बिथान प्रखंड के बतारडीहा निवासी गंगा साह के पुत्र शंकर साह के साथ हुई थी। जानकारी के अनुसार ससुराल वालों ने शादी के करीब दो साल के बाद 50 हजार रुपए की मांग करते हुए उसे वापस मायके भेज दिया।

गुड़िया के मां-बाप गरीब होने के कारण उसके लिए 50 हजार का इंतजाम कर पाने में असमर्थ हैं। ऐसे में पीड़िता और उसके परिजनों ने खानपुर थाना प्रभारी से  लिखित शिकायत कर इंसाफ की गुहार भी लगाई थी। लेकिन पीड़िता को कोरे आश्वासन के सिवाए कुछ नहीं मिला।

शादी के तीन साल बाद गुड़िया अपने ससुराल पहुंची। तो शुरुआत में सबकुछ ठीक था लेकिन कुछ महीन बीतते ही ससुराल वालों ने उससे 50 हजार रुपये दहेज की मांग कर डाली। बिना बाप की गुड़िया द्वारा अपनी लाचारी की दर्द भरी कहानी बताई इसके बाद भी उसके पति का दिल नहीं पिघला। और उसके घरवालों ने उसे जबरदस्ती उसके मायके भेज दिया।

प्रशासन भी इंसाफ दिलाने में नाकाम रहा…

पीड़ित गुड़िया ने इस मामले की शिकायत सरकारी आलाधिकारियों से भी की। लेकिन गुड़िया का कहना है कि प्रशासन से लेकर अधिकारी  तक सिर्फ आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला।

निराश गुड़िया सब जगह से थक हार चुकी थी तभी उसके बगल के घर में रहने वाली एक महिला गुड़िया ने हौसला दिया न्याय दिलाने का। गुड़िया को लेकर क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य स्वर्णिमा सिंह के घर पहुंच गई।  गुड़िया द्वारा उसकी दुखद कहानी सुनने के बाद जिला परिषद सदस्य स्वर्णिमा सिंह ने उसे उसके ससुराल पहुंचाने का बीड़ा उठा लिया।

साथ ही दो समाज सेवियों ने भी गुड़िया को ससुराल पहुंचाने के लिए कंधे से कंधा मिला लिया है। जिला परिषद सदस्य स्वर्णिमा सिंह ने बताया कि वे गुड़िया को उसका घर और परिवार दोनों ही जरुर दिलाएंगी और दहेज लोभियों को कठोर सजा भी दिलवाएंगी।

ज्ञात हो की बिहार सरकार दहेज प्रथा और बाल विवाह को रोकने के लिए जोरो से इस पर काम कर रहे हैं। साथ ही सभी पदाधिकारियों को शपथ दिलाए नही दहेज लेंगे नही तो दहेज देगें। बिहार में  बिहार सरकार के इस बात को लेकर खूब चर्चा हुआ गरीब से लेकर अमीर तक चलो अब दहेज के लिए  किसी भी जाति धर्म में अब दहेज के लिए ना ही तो बहु बेटी मारी जाएगी ना ही तो घर से निकली जाएगी।

आज भी समाज में देखने को और सुनने को मिलता है देहज के लिए किसी की जान गवानी पड़ती है तो किसी को घर छोड़ना पड़ाता है। इससे तो यही लगता है सरकार की योजना सिर्फ दिखावा है।

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