Rural bank

बैंक की लाइन में लगे दम्पति के मासूम बेटे की मौत, नहीं मिला बैंक से रुपये

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Mithiliesh Pathak

मिथिलेश पाठक

श्रावस्ती। मानवता काहे का, अब मानवता ही खत्म हो गई। उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले से आई खबर ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। वाह रे बैंक कर्मी, बैंक कर्मियों की संवेदनहीनता इतनी की इंसानियत को शर्मसार कर दे।

घण्टों से बैंक के लाइन में अपने बीमार बच्चे को लेकर दम्पत्ति लाइन में लगे रहे। लेकिन बैंक कर्मियों की इंसानियत नही जागी हैवान बन गए इंसान, घण्टो के बाद भी बैंक कर्मियों ने दम्पति को पैसे नहीं दिए आखिर हुआ क्या बीमार मासूम बच्चे ने बैंक की लाइन में ही दम तोड़ दिया।

गिलौला थाना क्षेत्र के गिलौला मुख्य बाजार में स्थित इलाहाबाद बैंक में पिता अयोध्या प्रसाद अपने पत्नी के साथ 2 वर्षीय बीमार जिगर के टुकड़े को लेकर 5 हजार रुपये निकालने गए, इलाज के लिए घण्टो लाइन में लगे रहे लेकिन दम्पत्ति को बैंक कर्मियों ने रुपये नही दिए उनको लाइन में ही खड़ा रहने को कहा गया।

मासूम बच्चे का हालत खराब होते देख माता पिता बैंक कर्मियों से गिड़गिड़ाते रहे लेकिन बैंक कर्मियों ने एक नही सुना और आखिर में मासूम ने दम तोड़ दिया।

जिस मां ने 9 माह कोख में रखकर बच्चे को जन्म दिया हो, उसी की आंखों के सामने गोद में ही बच्चा दम तोड़ दे, उस मां पर क्या बीतती होगी, इसका सिर्फ यहसास किया जा सकता है। मासूम की मौत के बाद बच्चे के मां बाप की आखों में सिर्फ और सिर्फ आंसू थे।