पुलिस ने जिला न्यायालय परिषर में घुसकर अधिवक्ताओं को बबर्रता से पीटा, दर्जनों घायल    

sidhi advocate beaten
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कलेक्ट्रेट के पास अनियंत्रित हुई भीड़, अधिवक्ताओं के चैम्बर में घुसी पुलिस…. 

13 अधिवक्ता सहित दो सौ से ज्यादा लोगों को पीटा तीन दर्जन घायलो का किया जा रहा उपचार… 

पुलिस की बर्बरता के बिरोध मे वार एसोसिएशन ने दिया धरना…  

Rambihari pandey
रामबिहारी पांडेय
सीधी। आरक्षण को समाप्त करने के विरोध में आन्दोलन कर रहे लोगों पर नियंत्रण करने के लिये पुलिस ने अपने अधिकारों की पराकाष्ठा को पार कर आन्दोलनकारियों सहित आमजनों व अधिवक्ताओं के चैम्बरों में घुसकर बेदम पिटाई करने का मामला सामने आया है। पुलिस के इस लाटी चार्ज मे दर्जन भर से ज्यादा वकीलों को गम्भीर चोंटे आई है।

उनमें एक वकील की हेड इन्जुअरी होने की पुष्टी डॉक्टरों ने किया है। जिसे उपचार के लिये रीवा रेफर कर दिया गया है। वहीं घायलों का उपचार जिला अस्पताल में किया जा रहा है। लाठी चार्ज में एक अखबार के रिपोर्टर का भी घायल होने की चर्चा हो रही है।

बताया गया है कि भारत बंद को लेकर प्रशासन ने पहले ही धरना प्रदर्शन व जुलूस निकालने पर रोक लगाते हुए धारा 144 लागू कर दिया था। लेकिन सुबह से ही आन्दोलनकारी जहां बाजार बंद करने में जुट गये थें। वहीं आधा सैकड़ा युवा कलेक्ट्रेट चौराहा में एकत्रित होकर जुलूस निकालने पर आमदा थे। जबकि पुलिस व प्रशासन आन्दोलनकारियों को ज्ञापन देने का दबाव बना रहा था। जब नहीं माने तो पहले आंसू गैस की फायरिंग की गई।

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बाद में जब इससे भी बात नहीं बनी तो लाठी चार्ज कर दिया गया। पुलिस ने कलेक्ट्रेट परिषर सहित आस-पास के इलाकों के घरो दफ्तारों में घुस-घुस कर पीटा है। इतना ही नहीं पुलिस की मार से बचने के लिये लोग न्यायालय की पनाह लेने चाही तो पुलिस के आलाधिकारी अपने जवानों के साथ वहां भी पहुंचकर अधिवक्ताओं पक्षकारों सहित जिसे पाये पीट कर बेदम कर दिये सभी घायलों को उपचार के लिये जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। तो कुछ कानूनी झमेले से बचने के लिये निजी अस्पतालों मे उपचार कराकर घरों को चले गये हैं।

कलेक्टर एस डी खड़े रहे जनता पर बरसती रही लाठियां…

आरक्षण समाप्ती की मांग को लेकर आन्दोलन कर रहे युवाओं पर लाठी चार्ज करने का आदेश किसने दिया इसका जबाव देने को कोई तैयार नहीं है। वहीं घायल संदीप सिंह ने जनमंच न्यूज को बताया कि कलेक्टर उनके पास खड़े थे और पुलिस लाठियों से पीट रही थी बाद में आरजू मिन्नत करने के बाद उन्हें छोड़ा गया तो एस डी एम शैलेन्द्र सिंह ने उन्हें जबरीना अपने वाहन में बैठाकर अस्पताल लेकर आये।

पुलिस के लाठी के ये अधिवक्ता हुए शिकार…

आरक्षण का विरोध कर लोगों पर नियंत्रण करने के दौरान पुलिस ने अधिवक्ताओं पर लाठी से हमला कर घायल किया है। उनमें अधिवक्ता नन्दलाल पाण्डेय को गम्भीर चोटे आई है। उनके कान से खून बह रहा है डाक्टरों ने हेड इंजुअरी होना बताया है। वहीं अन्य अधिवक्ताओं में राकेश चतुर्वेदी संजय श्रीवास्तव संजय सिंह चौहान जीवेन्द्र पाठक राघवेन्द्र सिंह विष्णु प्रताप सिंह चौहान पुनीत तिवारी अरविन्द्र शुक्ला रामपति यादव आशीष बंसल आदि लोगों को पुलिस ने पीट-पीट कर बेदम कर दिया है। वहीं शिवपूजन मिश्रा के घायल होने की चर्चा की जा रही है तो आन्दोलनकारियों मे संदीप सिंह गहरवार, शत्रुधन पाण्डेय को भी चोंटे आने के कारण भर्ती किया गया है।

न्यायालय ने माना पुलिस ने किया ज्यादती जुडिशल जांच का प्रस्ताव…

पुलिस की बर्बरता पूर्ण कार्यवाही को जहां अधिवक्ताओं ने गम्भीरता लेकर निन्दा किया है। वहीं जिला वार एसोसिएशन के शिकायत पर जिला शत्र न्यायाधीश पीसी गुप्ता ने गम्भीरता से लेते हुए जुडिशल जांच कराने का प्रस्ताव हाई कोर्ट को तुरंत भेज दिया है।

अधिवक्ता संघ ने बुलाई पत्रकार वार्ता… 

आन्दोलनकारियों पर नियंत्रण के बहाने न्यायालय परिषर में घुसकर पुलिस द्वारा पीटे जाने के बाद जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह बाघेल ने घायल अधिवक्ताओं को उपचार के लिये जिला अस्पताल में भर्ती कराने के बाद पत्रकार वार्ता बुलाकर पुलिस की निन्दा किये। वहीं कहा कि जब तक कलेक्टर एस पी एस डी एम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के खिलाफ कार्यवाही शुरू नहीं कर दी जाती। तब तक उनका आन्दोलन जारी रहेगा वे सभी न्यायालयीन कार्य से विरत रहेगें।

इनका कहना है…

अधिवक्ताओं के साथ की गई मारपीट की जांच होने तक जिम्मेवार अधिकारियों को निलंम्बित किया जाना चाहिये। घायल अधिवक्ताओं की उपचार की व्यवस्था प्रशासन करें। वैसे अधिवक्ता चंदा कर उनकी मदद कर रहा है। किन्तु प्रशासन पारदर्शी है तो मदद करें और दाशियों पर कार्यवाही करें। – राजेन्द्र सिंह चौहान, पूर्व अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सीधी 

इनका कहना है….

जिला न्यायालय के सामने आन्दोलन प्रदर्शन हो रहा था पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे तो भगदड़ मच गई। इस दौरान कई लोग बचने के लिये न्यायालय में घुस आये तो उन्हें पकड़ने के बहाने पुलिस परिषर में घुस कर अधिवक्ताओं को पीटने लगी है जो घोर निन्दनीय है। – मुनीन्द्र द्विवेदी, निवर्तमान अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ, सीधी

पुलिस का कार्य निन्दनीय है। अधिवक्ताओं से मारपीट करने के बाद न्यायालय दहसत में आ गया था। उसे अपने कमरों मे ताला बंद करना पड़ा। इससे बड़ी शर्मनाक घटना कुछ और हो ही नहीं सकती है। यह लोकतंत्र के लिये घातक है। इस घटना के लिये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शैण्डे व उप निरीक्षक दीपक बघेल जिम्मेवार है। इन पर बचाव के लिये वे फर्जी मुकदमे की तलास कर रहे हैं। – डी पी मिश्रा, अधिवक्ता सीधी 

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