gandhi sandesh yatra

‘नफरत छोड़ो गांधी संदेश यात्रा’ के दौरान दिखा कांग्रेस में गुटबाजी

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Rambihari pandey

रामबिहारी पांडेय

सीधी। बीते 15 सालों से प्रदेश की सत्ता से बाहर रही कांग्रेस पार्टी में गुटबाजी फिर देखने को मिल रही है। दरअसल, कमेटी के अध्यक्ष व युवक कांग्रेस अध्यक्ष को विश्वास मे लिये ही ‘नफरत छोड़ो गांधी संदेश यात्रा’ का आयोजन कर बैठे। जिसमें गुटबाजी छल्लक कर सामने आ गई।

इतना ही नहीं जिस नफरत की दुहाई देकर यात्रा निकाला गया। उसमे नफरत पैदा करने के शिवा कुछ नही किया गया और आपाधापी में निकाले गये संदेश यात्रा में उपयोग किये गये बैनर में अपनी फोटो पदर्शित करने के चक्कर में गांधी जी की फोटो लगवाना ही भूल गये। जिसको लेकर सोशल मीडिया सहित आम लोगों में चर्चा का विषय बन गया है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार जिला अध्यक्ष ने कार्यक्रम आयोजित कर रखी थी। मगर जैसे ही उन्हे पता चला कि कार्यकारी अध्यक्ष ने अलग से कार्यक्रम कर युवकों को दो गुटों मे बांध दिये है। वैसे ही कार्यक्रम रद्द कर चुरहट की सड़क मे जनसेवा करने चली गई। बता दें, कि नफरत छोड़ो गांधी संदेश यात्रा के कार्यक्रम के तहत एकजुटता का पाठ सीखने की वजाय जिले में युवा कांग्रेस की खेमेबाजी कांग्रेस के लिए मुसीबत पैदा कर सकती है।

दरअसल, सीधी विधानसभा युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे प्रकाश सिंह परिहार को हाल में ही जिला युवा कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि लोकसभा अध्यक्ष का पद समाप्त करते हुए श्रीमती रंजना मिश्रा को जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

इन दोनों पदाधिकारियों में पहले से ही खेमेबाजी थी, जो कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही है। जो यात्रा के दौरान सार्वजनिक हो गया है। दोनों ही युवा पदाधिकारी के बीच चल रहे खींच तान का असर कांग्रेस पार्टी को मुसीबत में ला सकती है। ऐसे में जहां कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी युवाओं को महत्व देते आ रहे है। वहीं सीधी जिले में युवाओं की खेमेबाजी का खामियाजा आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को भुगतनी पड़ सकती है।