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हितग्राही त्रस्त और सरकार मस्त, सरकारी कर्मचरिया ही बना रहे हैं सरकार को गोलगप्पा

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राजकुमार जायसवाल की रिपोर्ट,

सिंगरौली। जिले के सरई तहसील अन्तर्गत इटमा पंचायत में पदस्थ सरपंच एवं सचिवों की मनमानी नहीं थम रही है। इतना ही नहीं पंचायत आधिकारी से लेकर जिला स्तर तक के पदाधिकारी भी बंदरबाट करते हुये सीएम हेल्पलाइन को गलत निराकरण जानकारी भेजकर सरकार को बदनाम करने में जुटी हुयी है। इस कारनामे से अनुमान लगाया जा सकता है कि इन अधिकारियों को कोई राजनीतिक सजिश के तहत्  सरकार की हेल्पलाइन की सहारा लेते हुये बदनाम करवाया जा रहा है कि अधिकारी स्वयं भ्रष्टाचार में लिप्त है।

ये है पूरा ममला… हितग्राही लालबहादुर जायसवाल ग्राम इटमा की निवासी है जो कि इनके नाम से सन् 2014 के लगभग शौचालय निर्माण सूची में अंकित है, पर आज इस पंचायत के पदाधिकारी के द्वारा इनको शौचालय नहीं दिया गया है। शौचालय सूची में नाम भी हटा दिया गया है।

लेकिन हितग्राही ने पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक पदस्थ आधिकारियों से मदद की गुहार लगयी पर सभी अधिकारी नंजरअंदाज कर दिये, पर लालबहादुर जी ने अपनी मनोबल उत्सुक करते हुये सीएम हेल्पलाइन की सहारा लिया। जिसका शिकायत क्रमांक क्रमशः 4436079, 4214158, 3672550, 5049671 है। जिसकी निराकरण हेतू चौथे स्तर अधिकारी तक प्रेषित किया गया है पर आज कोई निराकरण नहीं हुआ है और नहीं शौचालय प्राप्त हुआ है।

हितग्राही का कहना- मेरा आज तक कोई निराकरण नहीं हुआ है और नहीं मुझे शौचालय दिया गया है। जिले स्तर तक के अधिकारी के द्वारा गलत जानकारी भेजकर मुझे इस नियम से वंचित कर रहे है और सरकार को भी घुटने टेकने का मजबूर करके सीएम हेल्पलाइन को बदनाम कर रहे हैं। इसलिये प्रदेश सरकार एवं विभाग आधिकरियों को ध्यान अर्कषित करवाते हुये दोषी अधिकारी को कठोर कार्यवाही करके भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलवाये।