लोकसभा चुनाव 2019: कट्टर प्रतिद्वंदी सपा और बसपा के गठबंधन के संकेत

सपा-बसपा
Janmanchnews.com
Share this news...

क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों नें भी लोकसभा चुनाव के लिए जोड़तोड़ शुरू कर दिया है; अखिलेश थाम सकते हैं बुआजी का हाथ…

Ajit Pratap Singh
अजित प्रताप सिंह

 

 

 

 

 

लखनऊ: लोकसभा चुनाव को लेकर देश की दो प्रमुख राजनीतिक दल बीजेपी और कांग्रेस अपनी-अपनी रणनीतियों को अमलीजामा पहनाने में जुटे हैं, वहीँ क्षेत्रीय दलों ने भी लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक कसरत शुरू कर दी है। बीजेपी से निपटने के लिए विपक्षी दलों द्वारा इस बार विशेष रणनीति के तहत काम किया जा रहा है। ताज़ा मामले में अखिलेश यादव द्वारा मायावती को लेकर दिए गए बयान ने सियासी गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

दरअसल अखिलेश यादव ने मुंबई के ताज लैंड एंड होटल में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती (बुआजी) से कोई झगड़ा नहीं है। समाज के हर तबके को प्रभावित करने वाली ‘आर्थिक अराजकता’ की वजह से अगले लोकसभा चुनाव से पहले ही भाजपा के खिलाफ तीसरा मोर्चा अपने वजूद में आ सकता है।

अखिलेश यादव के इस बयान से अंदाजा लगाया जा रहा है कि बीजेपी से निपटने के लिए उन्हें बसपा के साथ गठबंधन करने से कोई गुरेज़ नहीं है।

पत्रकार संघ के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि देश में एक तरह की ‘आर्थिक अराजकता’ फैली है। देश में जारी इस उथल पुथल से समाज का हर तबका परेशानी झेल रहा है। देश की जो खराब आर्थिक स्थिति है, उन्हीं मसलों को लेकर तीसरा मोर्चा अस्तित्व में आएगा।उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि महाराष्ट्र में भी कांग्रेस के साथ हमारा गठबंधन हो। हर विपक्षी दल और नेता के साथ मेरे अच्छे संपर्क हैं। मैंने बुआजी (मायावती) से बात नहीं की है लेकिन उनसे भी मेरे अच्छे संबंध हैं।

Share this news...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फॉलो करें।