एनकाउंटर के डर से सपा नेता रामप्रवेश यादव ने सोनौली बॉर्डर पर किया आत्मसमर्पण

Rampravesh yadav
File Photo: जिला पंचायत अध्यक्ष SP नेता रामप्रवेश यादव
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देवरिया के दीपक मणि फर्जी बैनामा मामला….

करोडों की सम्पतियों के फर्जी बैनामे के मामले में फरार चल रहा था रामप्रवेश यादव…

Priyesh Kumar "Prince"
प्रियेश कुमार “प्रिंस”

गोरखपुर (देवरिया)। देवरिया के जिला पंचायत अध्यक्ष सपा नेता रामप्रवेश यादव समेत पांच के खिलाफ पुलिस ने अपहरण समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। अध्यक्ष और उनके साथियों पर देवरिया निवासी दीपक मणि का अपहरण कर जबरन करीब 10 करोड़ रुपये की जमीन का बैनामा कराने का आरोप था।

पुलिस ने रामप्रवेश यादव पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था। एसपी रोहन पी कनय के आदेश पर फरार चल रहे अध्यक्ष का सरकारी गनर भी वापस लेते हुए उस पर 25 हजार रुपए इनाम घोषित कर दी गई थी। 

जिला मुख्यालय के देवरिया खास के रहने वाले दीपक मणि उर्फ पियूष मणि त्रिपाठी 20 मार्च से गायब थे। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका पता नहीं चला तो छत्तीसगढ़ के विलासपुर में रहने वाली उनकी बहन डा शालिनी शुक्ला ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद 28 अप्रैल को सदर कोतवाली में गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी रोहन पी कनय ने  मामले का खुलासा करने के लिए क्राइमब्रांच व सर्विलांस टीम लगाई हुई थी।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने अमेठी गांव में रमाशंकर विद्यार्थी के कटरे पर छापेमारी की थी। जहा दीपक को हाथ पैर बांध कर अपहर्ताओं ने रखा हुआ था। मौके से पुलिस ने रजला गांव के रहने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष व सपा नेता रामप्रवेश यादव के भाई अमित यादव, मझगांवा निवासी मुन्ना चौहान, खोराराम के रहने वाले ब्रह्मानंद चौहान और अध्यक्ष के वाहन चालक कोतवाली के रजला टोला निवासी धर्मेंद्र गौड़ को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

पूछताछ में चारों ने जिला पंचायत अध्यक्ष के कहने पर युवक को अपहृत कर अपने कब्जे में रखने की बात स्वीकार की थी। जिसके बाद रामप्रवेश यादव उर्फ बबलू फरार चल रहा था। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव व गिरफ्तार किए गए चारो लोगों के खिलाफ धारा 365, 467, 471, 472 व 120 बी के तहत केस दर्ज किया था। जिसमें 25 मई की शाम सपा नेता रामप्रवेश उर्फ बबलू ने सोनौली बॉर्डर पर गोरखपुर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

बताया जा रहा है कि फरार चल रहे सपा नेता राम प्रवेश को एनकाउंटर का डर बना हुआ था और इसी डर और दहशत के कारण 25 मई को रामप्रवेश ने सोनौली बॉर्डर पर आत्मसमर्पण कर दिया।

अध्यक्ष ने जबरन कराया था 10 करोड़ की संपत्ति का बैनामा…

एसपी के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपहरण करने के बाद 17 अप्रैल को दीपक मणि को जबरन रजिस्ट्री कार्यालय ले जाकर करीब 10 करोड़ की जमीन का बैनामा करा लिया था। नियमों को दरकिनार कर एक ही दिन युवक से पांच बैनामे  कराए गए। इसमें दो बैनामा अध्यक्ष राम प्रवेश यादव उर्फ बबलू के नाम से, तीसरा उसकी मां मेवाती देवी, चौथा भाई अमित कुमार यादव और पांचवी रजिस्ट्री मधु देवी पत्नी ब्रह्मानंद चौहान निवासी खोराराम के नाम से हुई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि उन्होंने पूरे मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया है। रजिस्ट्री के दौरान नियमों की अनदेखी के बारे में भी जांच करने को शासन को लिखा गया।

बताते चले कि माननीय उच्चतम न्यायालय इलाहाबाद ने देवरिया जिलापंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव के पुलिस गिरफ्तारी पर रोक के लिए दाखिल की गई कक्ष सं. 51 में रिट याचिका सं 12947/2018एवं 12950/2018 को माननीय न्यायाधीश श्री विपिन कुमार शाही एवं श्री महबूब अली ने रिट याचिका को खारिज कर दिया है।

और देवरिया जिलाधिकारी ने अविश्वास प्रस्ताव पर12जुन 2018 को कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

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