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सपा के जिला अध्यक्ष को धमकी देने वाला निकला सपा कार्यकर्ता, गिरफ़्तार

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अभियुक्त नें लगाया आरोप– सपा जिला अध्यक्ष नें पैसे लेकर 20 लाख मुआवजा दिलवाने का किया था वादा…

Yuvraj SIngh

युवराज सिंह

 

 

 

 

 

इलाहाबाद: समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष कृष्णमूर्ति सिंह यादव को धमकी देने वाला कोई और नहीं बल्कि उनकी ही पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता धर्मेद्र सिंह यादव निकला। बहरिया थाना क्षेत्र के कनेहटी गांव निवासी शिवमनी यादव के बेटे धर्मेद्र को जार्जटाउन थानाध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा ने टीम के साथ गीता निकेतन के पास से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि उसके भाई धर्मशील यादव की 26 मई 2016 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तीन दिन बाद लाश थरवई थाना क्षेत्र के मलाका भैसाई गांव के पास मिली थी। धर्मशील दो बार जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था। चुनावी रंजिश में ही कत्ल किया गया था। मामले में त्रिभुवन सिंह, पवन सिंह, पंकज व एक अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें से एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया था।

धर्मेद्र ने पुलिस को यह भी बताया कि वारदात के बाद उसने कृष्णमूर्ति यादव से संपर्क किया था। तब उन्होंने आश्वासन दिया कि वह तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद उसके परिवार को दिलाएंगे। लेकिन 10 लाख रुपये वह खुद लेंगे और 10 लाख उन्हें मिलेगा। कृष्णमूर्ति यादव को तीन लाख रुपये एडवांस गेहूं, चावल बेचकर दिया। इसी बीच सरकार बदल गई और उसे मदद नहीं मिली। इस पर धर्मेद्र ने दिया गया पैसा कृष्णमूर्ति से वापस मांगना शुरू किया तो आनाकानी करने लगे।

अभियुक्त का आरोप है कि उसने दो बार जिलाध्यक्ष को फोन किया तो उन्होंने उसके पास दूसरे नंबर से कॉल किया। तभी गाली-गलौज हुई थी। धमकी के बाद कृष्णमूर्ति ने जार्जटाउन थाने में मोबाइल नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराई। सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस ने आरोपित को खोज निकाला और फिर गिरफ्तार कर लिया।

ट्रांसफर, पोस्टिंग को लेते थे पैसा

पुलिस के सामने सपा कार्यकर्ता और अभियुक्त धर्मेद्र ने जिलाध्यक्ष पर गंभीर आरोप भी लगाए। मीडिया को बताया कि कृष्णमूर्ति सरकारी कर्मचारियों का ट्रांसफर और पोस्टिंग कराने के लिए 20 हजार रुपये से लेकर एक लाख तक लेते थे। कुछ का काम कराया और कुछ का नहीं कराया। धर्मेद्र ने यह भी कहा कि वह इसकी शिकायत अखिलेश यादव और मुलायम सिंह से भी करेगा। लेकिन वहां तक धर्मेंद्र यादव पहुंच नहीं पाता इसके पहले ही सपा जिला अध्यक्ष में उनके ऊपर आरोप लगाकर उनको जेल भिजवा दिया।

जिस पर धर्मेंद्र का यह कहना है कि जिला अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अगर आप पैसे को लेकर मुंह खोलते हैं तो आप यह भी सोच लेना कि आगे क्या होगा धर्मेंद्र अपने भाई के मृत्यु के बाद से अकेले होने की वजह से कहीं भागदौड़ ना कर पाने से सपा जिला अध्यक्ष कृष्णमूर्ति यादव का सहारा लिया लेकिन वह नकाम रहा अगर देखा जाए तो पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गांव गांव और शहर शहर में वह आपने कामों का प्रचार कर रहे हैं लेकिन उन्हीं के कार्यकर्ता परेशान होकर वह अपने न्याय की गुहार लगा रहे हैं