बड़ागाँव

जहरखुरानी व लूट की मनगढ़ंत कहानी बनाकर कर्मचारी नें पार किया कंपनी का 5 लाख, गिरफ़्तार

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संदेह के आधार पर बड़ागाँव पुलिस नें कर्मचारी से की पूछताछ तो सच आया सामनें, 5 लाख बरामद…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

वाराणसी: गायत्री कंस्ट्रक्शन कंपनी के एक स्टॉफ़ नें बीते 5 फरवरी को बड़ागाँव थानें में तहरीर दिया था वह अपनी कंपनी का कैश 5 लाख रूपए लेकर जा रहा था लेकिन रास्ते में किसी नें जहरखुरानी कर उससे रुपयों से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गया। बड़ागाँव थानें नें जांच पड़ताल करनें के बाद आज इस मामले का खुलासा कर दिया एवं पूरा पाँच लाख रूपया बरामद भी कर लिया।

पुलिस नें बताया कि पांच लाख रूपया हड़पने की नियत से पैसा लेकर जा रहे कर्मचारी ने ही जहरखुरानी और लूट की मनगढ़ंत कहानी बनाकर, बड़ागाँव थानें में लूट का मुकदमा दर्ज करवाया था।

बड़ागाँव थानाध्यक्ष को कर्मचारी के हाव भाव से घटना संदिग्ध लगने लगी और संदेह के आधार पर जब पुलिस ने रात में कर्मचारी से सख्ती से पुछताछ किया तो वह टुट गया और अपना जुर्म कबूल करते हुये सड़क के किनारे मिट्टी में गाड़कर रखे गये पैसों से भरा बैग भी पुलिस को बरामद करा दिया। जिसका खुलासा क्षेत्राधिकारी बड़ागॉव द्वारा आज थाना प्रांगण में किया गया।

क्षेत्राधिकारी शफीक अहमद खान ने 5 फरवरी शाम को घटित हुई इस लूट की घटना का खुलासा करते हुये बताया की गायत्री कंस्ट्रक्शन मे काम करने वाला कर्मचारी संतोष बिहरा ग्राम पलाशपुर थाना पाटोपुर जिला गंजाम का निवासी है। 5 फरवरी को वह जौनपुर स्थित कार्यालय से पांच-पांच सौ रूपये की दस गड्डी कुल पांच लाख रूपये लेकर बड़ागाँव के सातोमहुआ (सेहमलपुर) स्थित कार्यालय के लिये चला था।

नोट की गड्डियां देखकर उसकी नीयत खराब हो गई और वह स्वंय की रची जहर खुरानी की झुठी कहानी बनाकर रुपयों को मिट्टी में गाड़ दिया और स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज करवा दिया।

थानाध्यक्ष बड़ागाँव अनिल कुमार सिंह को भुक्तभोगी के शारीरिक चाल ढाल और जहरखुरानी के बाद कर्मचारी का जल्द होश में आना खटकने लगा। पहले तो पुलिस दाहिने बायें हाथ मारती रही लेकिन जब पुलिस सख्ती से पेश आई तो कर्मचारी नें तोते की तरह पूरी कहानी बताते हुये अपना जुर्म कबूल कर लिया तथा रिंग रोड पर वाजिदपुर गांव के पास सड़क किनारे एक गड्ढे में गाड़कर रखे गये पुरा रूपया बरामद करा दिया जिसमे से एक हजार रूपया उसके द्वारा खर्च किया गया है।पुलिस ने उसेे विभिन्न धाराओं मे जेल भेज दिया है। घटना का खुलासा और बरामदगी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष बड़ागाँव सहित उनके सहयोगी उ०नि० लक्ष्मण प्रसाद शर्मा, उ०नि०मनोज कुमार, का०विजय प्रताप यादव, का०भीम सिंह यादव, का० बृजेश मिश्रा, का०महेश प्रताप सिंह शामिल रहे ।

वही क्षेत्राधिकारी बड़ागाँव द्वारा पुलिस टीम को पच्चीस सौ रूपये और गायत्री कंपनी के मैनेजर मनीष सिंह द्वारा बड़ागाँव पुलिस टीम को दस हजार रूपये इनाम देने की घोषणा की गई।