डीजे व बैण्ड बाजे की परमिशन लेने के लिए एसडीएम कार्यालय में उमड़ रही है भारी भीड़, दलाल भी सक्रिय

भाजपा
BJP Promises have become a laughing stock among suffering masses.
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लोगों का आरोप है कि परमिशन दिलाने के नाम पर दलाल सक्रिय हैं और 500 से 1000₹ वसूल रहे हैं…

 

Rahul Yadav
राहुल यादव

 

 

 

 

 

रायबरेलीः केन्द्र की भाजपा सरकार और प्रदेश की योगी सरकार नें ‘न गुण्डाराज न भ्रटाचार अबकी बार भाजपा सरकार’ का नारा देकर सत्ता में आ गयी। लेकिन, आज केन्द्र और प्रदेश में सत्ता पर काबिज होने के बावजूद न तो भ्रटाचार पर अंकुश लगा पा रही है और न की गुण्डाराज पर। खुले आम राहजनी, हत्या, बलात्कार जैसी घटनायें हो रही है जिस पर अंकुश नही लग पा रहा है।

प्रशासन का दावा है कि वह रात दिन गश्त कर रही है। पुलिस अधीक्षक रायबरेली अपनी अधीनस्थों को बराबर अपराध को नियन्त्रित करने के लिए आदेश दे रहे है तो वहीं अपराधी भी नित नयें नये तरीके इजाद कर रहे है। दरोगा नोएडा जैसे शहर में एक नवयुवक को गोली मार देता है और एसएसपी साहब कहते हैं कि यह एन्कांउटर नही आपसी रंजिश की वजह से हुआ, क्या पुलिस को आपसी रंजिश निभाने के लिए असलहा मुहैया कराया जाता है?

मोदी सरकार नित नये-नये नियम बना रही है। आम जन मानस जहाँ अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा है वहीं किसान भी सरकार से कटता हुआ दिखायी पड़ रहा है। न तो नहरों में समय से पानी मिल रहा है और न ही किसानों को समय पर खाद मिल पा रही है खाद के बढ़े हुए दामों ने तो किसानों की रीढ़ की हड्डी ही को तोड़ दी है।

ध्वनि प्रदूषण के नाम पर डीजे और बैण्ड को बैन कर दिया गया, आज लोगों को अगर वैवाहिक कार्यक्रम में डीजे बजवाना हो तो उसकी परमिशन लेने के लिए पांच अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते है। मन्दिरों में लाउडीस्पीकर नहीं बजा सकते। परमिशन भी आसानी से नहीं मिल पा रही है, अधिकारी जानबूझ कर लोगों की लम्बी लम्बी कतारे लगवा रहें है। वहीं परमिशन के नाम पर दलालों की सक्रियता भी तहसील में बढ़ गयी है। परमिशन के नाम पर पाॅच सौ रूपए से लेकर एक हजार रूपए तक दलालों के माध्यम से लिये जा रहे है।

वहीं सम्बन्धित थानों में रिपोर्ट लगवाने के लिए चक्कर काटने पड़ रहे है, सारा भारत जानता है कि थानें से एक ठप्पा लगवानें के लिए जेब हल्की करना जरूरी है, पुलिस भी ध्वनि प्रदूषण का पूरा फायदा उठाते हुये मलाई काट रही है। जिससे लोगों का इस सरकार से भरोसा उठता जा रहा है। एसडीएम कार्यालय सदर में परमिशन के नाम पर दलालों की बढ़ती सक्रियता सरकार के उस नारे पर सवालिया निशान लगा रही है जो नारा देकर वह सत्ता में काबिज हुई है। सरकार चाहे लाख प्रयास कर ले लेकिन उसके भ्रष्ट बाबू कमाई का कोई न कोई रास्ता जरूर निकाल लेते है।

विभाग में स्वच्छ छवि बरकरार रखने वाले एसडीएम सदर ने बताया कि कार्यालय में किसी भी प्रकार की कोई वसूली नहीं हो रही है। अगर ऐसी कोई सूचना है तो हमें जानकारी दें हम कठोर कार्यावाही करेगें।

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