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अपनी किताबों से प्रो अजीत बने कंप्यूटर के छात्रों की पहली पसंद, अब तक लिख चुके हैं 10 किताबें

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Dharmaveer Dharma

धर्मवीर धर्मा

पटना। यह हम सभी जानते है कि आज कंप्यूटर हमारे दैनिक कार्यों में कितनी बड़ी भूमिका निभा रहा है। मगर इसे चलाने के लिए अध्ययन की जरुरत होती है। 

दरअसल, अगर हम बात करे इसके किताबों की तो बाजार में यह उपलब्ध है। मगर बाजार में इसकी किताब विदेशी लेखकों में उपलब्ध है, जिसे कई स्टूडेंट्स को समझने में कठिनाई होती है।

जिसके कारण कई स्टूडेंट्स को समझने में दिक्कत आती है। स्टूडेंट्स की इसी समस्या को दूर करने के लिए कंप्यूटर विज्ञान के प्रख्यात शिक्षक अजीत कुमार सिंह अब तक 10 किताब लिख चुके है। हालांकि उनकी किताबों की भाषा भी अंग्रेजी में ही है। मगर उनकी किताबों की भाषा इतनी सरल है कि किसी को समझने में कोई परेशानी नहीं होती।

आपको बताते चले कंप्यूटर विज्ञान के प्रख्यात शिक्षक श्री अजीत कुमार सिंह जो बक्सर के ग्रामीण परिवार से जुड़े हैं। अजीत कुमार सिंह ने विगत 20 वर्षों से पटना विश्वविद्यालय के अग्रणी महाविद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आज उनके पढ़ाई विद्यार्थी देश विदेश में उच्च पदों पर पदासीन होते हुए अपना नाम रोशन कर रहे हैं।

अपने 20 वर्षों के कार्यकाल के दौरान उन्होंने यह महसूस किया कि जो छात्र ग्रामीण परिवार से संबंध रखते हैं उन्हें ना सिर्फ विदेशी लड़कों द्वारा लिखी हुई महंगी किताबों को खरीदने में परेशानी होती है बल्कि कठिन अंग्रेजी को भी समझने में की दिक्कत होती है।

इसी विचार पर काम करते हुए उन्होंने ऐसे कंप्यूटर की किताबों को लिखा है और बाजार में लाने का निश्चय किया है जो बिल्कुल सरल और स्पष्ट भाषा में हो तथा जिसकी कीमत भी बिल्कुल कम हो ताकि गरीब विद्यार्थी भी उन्हें खरीद सकें।

फिलहाल उनकी लिखी 12 किताबों अमेजॉन (Amazon.com) के द्वारा प्रकाशित की गई है और विक्रय के लिए उपलब्ध है।

इसके आलावा गूगल प्ले स्टोर पर उनकी चार किताबें तथा खुले बाजार में एक किताब उपलब्ध है जो C++ से संबंध है। हालांकि श्री सिंह का कहना है कि भारत के विभिन्न विद्यालयों के Syllabus को ध्यान में रखते हुए कंप्यूटर की किताबों की पूरी श्रृंखला को उपलब्ध करवाएंगे जो बहुत कम कीमत में विद्यार्थियों को मिल जाएंगे।

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साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए इस साल उन्हें शिक्षक दिवस पर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री द्वारा सम्मानित भी किया गया है।