पहले परीक्षा फिर शादी के फेरे लूँगी, पढ़ें नई दुल्हन की अनोखी कहानी

शिवानी चौबे
File Photo: शिवानी चौबे
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Anil Upadhyay
अनिल उपाध्याय

देवास। मेहंदी लगी हाथों से दी परीक्षा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का सपना साकार होता नजर आया। हम किसी टीवी सीरियल या फिल्म की बात नहीं कर रहे। हम हकीकत में उस उस छात्रा की बात कर रहे हैं। जो कुसमानिया परीक्षा केंद्र पर कक्षा बारहवीं के अर्थशास्त्र विषय का प्रश्न पत्र देने पहुंची छात्रा शिवानी चौबे की बात कर रहे हैं।

शिवानी ने 12 मार्च को इंदौर में शाम को शादी रचाई है और उसी दिन सुबह प्रश्न पत्र दिया, शिवानी से जब हमने बात की तो उनका कहना था कि मेरे जीवन में जितना शादी महत्वपूर्ण है उतनी ही परीक्षा भी महत्वपूर्ण है आज का दिन मेरे जीवन का महत्वपूर्ण दिन है मैं आज ही के दिन परीक्षा के साथी नए जीवन की शुरुआत भी करूंगी।

मैंने पहले परीक्षा देने का निर्णय लिया और उसके बाद शादी का जीवन में पढ़ाई के महत्व को जानते हुए परीक्षा देना जरूरी क्योंकि पढ़ाई हे तो सब कुछ है मेरे जीवन में 12 मार्च को दो परीक्षाएं पहली परीक्षा कक्षा 12वीं का अर्थशास्त्र का पेपर देना और दूसरी परीक्षा विवाह के मंडप में पहुंचकर पति के साथ सात फेरे लेना मैं चाहती हूं कि मैं दोनों ही परीक्षा में अच्छे अंक से उत्तीर्ण हूं, मैं समाज की सभी बेटियों को यह संदेश देना चाहती हूं कि जीवन में जितना महत्व शादी का है उतना ही महत्व पढ़ाई का है बेटियां पढ़ें और आगे बढ़े।

केंद्राध्यक्ष दिनेश पंचोली ने बताया कि इस केंद्र पर 12वीं कक्षा की छात्रा शिवानी चौबे की जिस दिन इंदौर सम्मेलन में शादी थी। परंतु शिवानी के इरादे मजबूत है उसने कहा कि पहले परीक्षा फिर शादी।

आज उसका अर्थशास्त्र का पेपर है। सुबह 9:00 बजे से 12:00 बजे तक पेपर का समय था। सहायक केंद्राध्यक्ष विनायक नागले मां केंद्राध्यक्ष दिनेश पंचोली ने शिवानी के इस जज्बे के लिए बधाई दी है।

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