Sudhanshu Anand

समाज का आईना है शॉर्ट फिल्म ‘द मिरर’, असामाजिक तत्वों ने रुकवा दी थी शूटिंग

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Shikha Priyadarshni-Janmanchnews.com

शिखा प्रियदर्शिनी

पटना: पटना विश्वविद्यालय के छात्रों ने अपना हुनर दिखाना शूरु कर दिया है। मास्टर इन जर्नलिज्म एण्ड मास कम्युनिकेशन के छात्रों ने शॉर्ट फिल्म ‘द मिरर’ का निर्माण कर समाज में जागरूकता फैलाने का प्रयत्न किया है। कॉलेज में छेड़छाड़ की समस्या यूं तो आम हो गई है, लेकिन इसके विरोध में खड़े होने का साहस कम लोग ही दिखा पाते हैं। इसी समस्या को केन्द्र में रखकर इन छात्रों ने इस शॉर्ट फिल्म का निर्माण किया है, जिससे कि युवा पीढ़ी की सोच में थोड़ा बदलाव आ सके।

The Mirror Scene

जनमंच न्यूज रिपोर्टर शिखा प्रियदर्शिनी से खास बातचीत युवा निर्देशक सुधांशु आनंद का… 

लोकल असामाजिक तत्वों ने शूटिंग रुकवा दिया

लोगों में महिलाओं के प्रति जागरूकता का संदेश देने लिए इस शॉर्ट फिल्म का निर्देशन बिहार के युवा कलाकार सुधांशु आनंद ने किया है। उनके अनुसार इस फिल्म के निर्देशन तथा निर्माण में उन्हें काफी मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा। पहले तो सहयोगी इसके लिए तैयार नहीं थे। उन पर शॉर्ट फिल्म को लेकर नकारात्मक बातों का प्रभाव अधिक दिखाई पड़ता था। बहुत समझाने पर साथी उनसे जुड़े। उन्होंने पूरी दृढ़ता से निर्देशक का साथ दिया जिसके पश्चात वो सफल हुए। अधिक समस्या उन्हें तब हुई जब कुछ लोकल असामाजिक तत्वों द्वारा उनकी शूटिंग बीच में ही रोक दी गई। उन्होंने फिल्म में अपने रोल की बात कही। सेट पर सभी लोग सहमे नजर आए। उन्हें धैर्यपूर्वक समझाकर शूटिंग पूरी की गई।

Short Documentary

The Mirror Scene

साथियों के सहयोग से ही मूवी हो पाया संभव

सुधांशु ने कहा कि उनके साथी- सोनम, शैलजा, राहुल, पप्पू, तारिक, मुकेश, निर्भय आदि के सहयोग से ही वो सफल हो पाए। सभी लोगों ने अपना बेहतर प्रदर्शन दिया। हर घड़ी उनका साथ मिला। निर्भय का बहुत आभार, जिसने कैमरामैन की भूमिका निभाते हुए फिल्म की एडिटिंग भी की। उन्होंने कहा कि यह टीम उनके लिए छोटे से परिवार जैसा है। इसका हर सदस्य उन्हें प्यारा है।

documentary team

पीयू नहीं रहेगा किसी से पीछे

चर्चा को आगे बढ़ाते हुए सुधांशु कहते हैं कि यह उनका पहला प्रयास था, जिसमें उन्हें लोगों तथा साथियों का प्यार मिला। वह आगे कहते हैं कि हमारी सात लोगों की टीम अब बढ़कर अलग- अलग ग्रुप में यह कार्य कर रही है। हमारे पटना विश्वविद्यालय के दस से भी ज्यादा ग्रुप हैं और वो अच्छा कर रहे हैं । हमारा लक्ष्य यही है कि छात्रों का इन रचनात्मक कार्यों के प्रति रुझान बढ़े।

और भी जीवंत मुद्दों के साथ मिलूंगा

सुधांशु से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वे आगे भी ऐसी ही यथार्थ समस्याओं को केन्द्र में रखकर जनसाधारण में जागरूकता लाएंगे। अभी वे युवाओं को मध्य में रखकर एक प्रेम कहानी को शॉर्ट फिल्म का आधार बनाएंगे, जिसका निर्माण कार्य जून में प्रारंभ होगा।