आंगनबाड़ी केंद्र

आंगनबाड़ी केंद्र में शौचालय नहीं होने की वजह से बच्चें खुले में शौच करने को है मजबूर

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Birju Thakur

बिरजू ठाकुर

मोतिहारी। मधुबन प्रखंड मे चम्पारण का रण, लोहिया स्वच्छता अभियान के तहत रात दिन पदाधिकारी व अन्य आमजनों  के द्वारा प्रचार प्रसार किया गया। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि मधुबन प्रखंड मे आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को शौच करने के लिए शौचालय नहीं है। पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि के उदासीनता के चलते आंगनबाड़ी केंद्र में पढने वाले बच्चें खुले मे शौच करने के लिए मजबूर है।

मधुबन प्रखंड के आमजन बताते है कि आंगनबाड़ी केंद्र का भवन चार पांच वर्षो से अधूरा बन कर तैयार है। लेकिन इस केंद्र पर अधूरा भवन के चलते बच्चें को न बैठनें का कोई साधन है न शौच करने की ,न कोई समान रखने की। सवाल यह है कि लगभग चार पांच वर्ष पूर्व मे भवन बना हुआ हो गया है, लेकिन आज तक इस केंद्र पर अधूरा भवन बन कर तैयार रह गया है।

आखिर सवाल यह उठता है कि इस भवन निर्माण का रूपया कहा गया। मधुबन प्रखंड मे आंगनबाड़ी केंद्र के सेविका, सहायिका व बच्चें के लिए शौचालय नहीं है। सभी खूले में शौच जाने का मजबूर है मधुबन प्रखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चें खुले खेत में शौचालय करने जाते है और कुछ आंगनबाड़ी केंद्र के छोड़ के सभी आंगनबाड़ी के बच्चों को न बैठने की कोई व्यवस्था, न शौच करने की। वही इस मामले पर मधुबन सी.डी.पी.ओ ने बताया है जिस सेविका के पास अपना आंगनबाड़ी केंद्र भवन है वहां शौचालय है जिस केंद्र पर शौचालय नहीं है वहां सभी सेविका को निर्देश दिया गया है कि सभी शौचालय केंद्रों पर शौचालय बनाना  है।