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पशुओं के लिए वरदान साबित होगी यह पशु चिकित्सा सेवा 

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ईशू केशरवानी

ईशू केशरवानी

रीवा। पशुओं के चिकित्सा के मध्यप्रदेश शासन द्वारा किसानों भाइयों पशु मालिकों के लिए तोहफा सरकार द्वारा पशु चिकित्सा को सरल एवं बेहतर बनाने के लिए जारी किया 1962 टोल फ्री नंबर इस विषय में अधिक जानकारी के लिए रीवा जिले के त्यौथर तहसील के पशु चिकित्सा के ब्लाक प्रमुख डाॅ. प्रदीप कुमार मिश्रा जी बात की गई तो उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि यह सेवा मध्यप्रदेश के हर जिले में दो अक्टूबर से लागू कर दिया गया है।

इस सेवा का नाम पशुधन संजीवनी रखा गया है। जो हर घर-घर जाकर पशुओं का उपचार करेंगी। इस सेवा का लाभ मध्यप्रदेश के हर पशु मालिक उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पशु को कोई समस्या या बिमारी हो और सरकारी पशु चिकित्सा सेवा 1962 का लाभ लेना चाहते हैं, तो उसके लिए सबसे पहले पशु मालिक को टोल फ्री नंबर 1962 अपने फोन से डायल कर अपना नाम पता और पशु के बिमारी का जानकारी देनी होगी और उसके बाद जो ब्लाक जिस चिकित्सा अधिकारी के अंतर्गत आता है।

वो केस वहां ट्रासफर कर दिया जाएगा और उस ब्लॉक के पशु चिकित्सा के द्वारा पशु मालिक के घर जरूरी दवाओं के साथ पहुंचकर पशु का उचित इलाज किया जाएगा। यानी कि अब जैसे 100 डायल के बाद पुलिस घर पहुंचती है, ठीक उसी तरह 1962 डायल करने पर पशु चिकित्सा घर घर पहुंचेंगे ।

डाॅ. प्रदीप कुमार मिश्रा जी ने बताया कि पशु मालिक अपनी पशु संबंधित समस्या 1962 में 24 घंटे किसी समय दर्ज करा सकते हैं। मगर पशुओं का इलाज का समय सुबह आठ बजे से लेकर शाम पांच बजे तक का ही रहेगा। उन्होंने बताया कि यह सेवा एकदम नि:शुल्क हैं, इसमें उपचार से लेकर दवाई तक सब फ्री है। उन्होंने जानकारी देते हुए ये भी बताया कि कुछ ऐसे इलाज भी हैं, जिनमें मामूली सरकारी शुल्क अदा कर अपने पशुओं का इलाज पशु मालिक करा सकते हैं।

आम लोगों एवं पशुओं के लिए वरदान साबित होगी ये सेवा 

जहां एक तरफ एक्सीडेंट होने से सही समय पर सही इलाज ना मिलने पर गाय एवं मवेशियों को तड़प-तड़प कर अपनी जान गवाना पड़ता था। वहीं अब इस सेवा के चालू होने से लोगों के लिए यह सेवा वरदान साबित होगा।

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