पाँच लाख की डिमांड पूरी नही हुई तो पति नें कागज़ के टुकड़े पर लिखकर दे दिया तीन बार तलाक़

तीन तलाक
Newly Wed girl has been given Triple Talaq on a piece of tattered paper by her husband after finding that girl's family could not fulfill his demand of Rs. 5 Lacs.
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तीन तलाक नें एक और मासूम की तहस-नहस की जिन्दगी, पति नें पहले मारपीट कर घर से निकाला फिर एक पर्ची पर तीन बार तलाक़ लिखकर दे आया लड़की के मायके, अब लड़की के मां-बाप भटक रहे हैं इंसाफ के लिये…

Shabab Khan
शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

 

वाराणसी: शहर के काज़ी सादुल्लापुरा थाना जैतपुरा की निवासिनी शहाना बेगम के मां-बाप व घरवालों नें उसके लिए जब कच्ची बाग निवासी मुमताज को पसंद किया तो उन्हे गुमान भी नही था कि वो अपनी बेटी को दहेज लोभियों के घर विदा करने जा रहे हैं। मुमताज से शहाना का निकाह इस्लामिक रीति-रिवाज से कर दिया गया, शादी में लड़की वालों नें अपने सामार्थ अनुसार काफी उपहार भी दिया लेकिन यह ससुराल वालों के लालच के आगे कम पड़ गया। नतीजतन शहाना पर ससुराल वालों की प्रताणना शुरू हो गई।

शहाना के अनुसार पति मुमताज उसे अक्सर लात-घूँसों से मारता और कहता कि अपने मायके से 5 लाख रूपए लेकर आओ मुझे कारोबार करना है। पति की डिमांड के बारे में शहाना नें अपने घरवालों को बताया लेकिन 5 लाख जैसी बड़ी रकम का इंतजाम करना उनकी हैसियत से बाहर की बात थी फिर भी उन्होने शहाना के हाथों दो-तीन बार कुछ पैसे मुमताज को भिजवा दिया ताकि उनकी बेटी के साथ ससुराल में इंसानों सा बर्ताव हो, लेकिन लालच सर चढ़कर बोल रही थी। पति शहाना को पीटता तो सास-ससुर व देवर उसे तरह-तरह के ताने मारते। कहते– यदि पैसे नही लाई तो मुमताज से तुम्हे तलाक दिलवाकर उसकी दूसरी शादी कर देगें।

यह धमकी नही थी। 22 सितंबर को शहाना के ससुराल वालों नें उसे भूखा-प्यासा एक कमरे में बंद कर दिया, रात में पति नें बेदर्दी से उसकी पिटाई की और अगले दिन 23 सितंबर को उसे यह कहते हुये घर से निकाल दिया कि– बिना 5 लाख रूपए लिए इस घर में कदम नही रखना। शहाना किसी तरह अपने घर काजी सादुल्लापुरा पहुँची और अपने घरवालों को पूरी बात बताई। दर्द से बिलखती बेटी की हालत देखी तो मां-बाप का सब्र टूट गया।

उन्होने मुमताज को फोन करके बता दिया कि वो उनके खिलाफ पुलिस में कंप्लेंट करने जा रहे हैं। शहाना को उसका चचेरा भाई पहले मण्डलीय अस्पताल लेकर गया जहां शहाना का मेडिकल मुआयना किया गया, मेडिकल सर्टिफिकेट से साफ-साफ पता चलता है कि शहाना को किस बुरी तरह से मारा-पीटा गया है। बाद में, घरवाले उसे लेकर थाना जैतपुरा पहुँचे, जहां उन्होने थानाध्यक्ष विजय चौरसिया को एक शिकायती तहरीर दी और उचित कार्यावाई की मांग की, लेकिन जैतपुरा एसओ नें यह कहते हुये उन्हे लौटा दिया कि उन्हे यह समझ नही आ रहा कि इस मामले में वो किन धाराओं के अंतर्गत अभियुक्तों के खिलाफ कार्यावाई करें। एसओ श्री चौरसिया नें कानूनी सलाह लेकर इस मामले को दर्ज करने की बात कही थी।

उधर लड़की वालों के थानें जाने की सूचना मिलते ही मुमताज और उसके घरवाले इतना बौखला गये कि उन्होने अतिवादी कदम उठा लिया। शहाना का पति मुमताज लड़की वालों के घर पहुंचा और दरवाजे पर खड़े लड़की के पिता के हाथ में एक कागज का टुकड़ा थमाकर चलता बना। जब उस कागज के टुकड़े पर उर्दु और हिंदी में लिखे मजमून को पढ़ा गया तो शहाना के घरवालों का सर चकरा गया। उस मुड़े-तुड़े कागज के टुकड़े पर लिखा गया था कि – मैं मुमताज शहाना को तलाक, तलाक, तलाक देता हूँ। शरियत के अनुसार इस कागज के टुकड़े नें शहाना का वैवाहिक जीवन बर्बाद कर दिया।

इस तरह तलाक दिये जाने की सूचना जैतपुरा थानें पर दी गई, जब वहां बात नही बनी तो लड़की पक्ष वाले वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक कार्यालय पहुँचे और लिखित तहरीर दी। पुलिसिया प्रोसीजर के अनुसार अब वही तहरीर जैतपुरा थानें पहुँची है, और मामले की तहकीकात की जा रही है। खबर लिखते समय इस पत्रकार नें कई बार जैतपुरा थानाध्यक्ष से फोन पर इस मामले पर बात करना चाहा लेकिन उनका फोन व्यस्त था।

बहरहाल शहाना के वैवाहिक जीवन की भेट एक कागज के टुकड़े के बदौलत चढ़ चुकी है, अब देखना यह है कि तीन तलाक का ढ़ोल लगातार पीटने वाली भाजपा सरकार के राज्य उत्तरप्रदेश और वो भी  पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में दहेज और तीन-तलाक पीड़िता को इंसाफ मिलता है या सरकार की तीन तलाक पर बजने वाली बांसुरी भी एक चुनावी जुमला साबित होती है।

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