बदमाशों के जहन से वर्दी का खौफ खत्म, योगीराज में कानून व्यवस्था ताक पर

Amethi Murder case
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Meenakshi Mishra
मीनाक्षी मिश्रा

अमेठी। वैसे तो जनपद अमेठी में पुलिसिया महकमा हमेशा से ही अपराधियों के सम्मुख बैकफुट पर नजर आता रहा है। किन्तु योगी सरकार के आने के पश्चात व अपराधियों के तबादले के पश्चात में हालात में कुछ तब्दीली नजर आ रही थी।

एक ओर जहां 24 घण्टे के अंदर अपह्रत व्यक्ति को सकुशल बरामद करना व अपराधियों की धर पकड़ करना पुलिस की बड़ी कामयाबी मानी जा सकती है।

वहीं बीते दिनों जामो क्षेत्र में दोहरे हत्याकांड व पूर्व प्रधान की हत्या के पश्चात हाल ही में अधिवक्ता की हुई सरेआम हत्या कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख देती है। जिससे आम जन में खुले आम सड़कों पर जाने में भी जबर्दस्त भय व्याप्त हो रहा है। कब कौन बेख़ौफ़ अपराधियों के निशाने पर आ जाये कुछ खबर नही।

ताजा मामला अमेठी के मुंशीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत पनियार पावर हाउस के पास का है। जहाँ पर बदमाशों ने एक वकील की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। मुंशीगंज थाना क्षेत्र के उसरापुर निवासी अनुराग पांडेय पुत्र भुनेश्वर प्रसाद उम्र तकरीबन 48 वर्ष जो कि गौरींगज कलेक्ट्रेट में बतौर अधिवक्ता कार्यरत थें।

शुक्रवार सुल्तानपुर से आते वक्त देर शाम पनियार पावर हाउस के पास एक व्यक्ति ने बाइक पर लिफ्ट मांगी। लिफ्ट देते ही अज्ञात बदमाश ने एकांत पाकर कनपटी पर सटा कर गोली मार दी। इस दौरान वे अपने बचाव के लिए खेत की तरफ भागें। जहाँ पर वे लड़खड़ा कर गिर गए व आरोपी ने मौका पाकर उनके पेट में गोली मार दी।

मौके पर पहुँची यूपी 100 की पुलिस ने खेत से अधिवक्ता को निकालकर निकट स्थित संजय गांधी हस्पताल पहुँचाया। जहाँ पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाबत जानकारी होने पर क्षेत्र में सनसनी फैल गयी। मृतक अपने पीछे दो पुत्रों व एक पुत्री को छोड़ गए हैं। परिवार घटना के पश्चात कोहराम मचा हुआ है।

दीगर प्रश्न यह है कि उच्चाधिकारियों की अनेक कवायदों के बावजूद जनपद में बदमाश बेख़ौफ़ क्यों हैं? अति सुरक्षित क्षेत्र में सड़क पर सरेराह  हत्याएं यह बताती हैं कि अब जनता को अपनी सुरक्षा के खुद बंदोबस्त कर लेना चाहिए।

पुलिस के आलाधिकारी विभाग की छवि सुधारने के प्रति गंभीर होते तो इन घटनाओं से सबक लेकर अपनी कार्यशैली में बदलाव लाते लेकिन लगता है कि पुलिस महकमे ने आत्मालोचन करना बंद कर दिया है यदि सरकार अपनी किरकिरी होने से बचना चाहती है तो पुलिस तंत्र में अब अामूल-चूल बदलाव की आवश्यकता है।

Meenakshi@janmanchnews.com

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