पीड़ित पत्रकार ने लगाई गुहार, पुलिस अधीक्षक के आदेश को भी नहीं मानती शुकुल बाजार पुलिस!

UP Police
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पीड़ित पत्रकार अस्पताल में भी रहा…जहां पर उसका स्वास्थय परीक्षण भी हुआ, उसके सर व शरीर में चोटें आयीं…

Meenakshi Mishra
मीनाक्षी मिश्रा

जनपद अमेठी। विदित हो की 4 जनवरी 2017 को महोना में भीषण हत्याकांड ने समस्त जनपद ही नहीं वरन प्रदेश वासियों को भी झकझोर कर रख दिया था।

वहीं इस घटना के दौरान कवरेज करने गए पत्रकार पर भी कुछ आसामाजिक तत्वों ने हमला करते हुए उसकी कार को पुलिस के सम्मुख ही फूंक दिया था।

इस घटना की गवाह स्वयं पुलिस के होने के बावजूद पीड़ित पत्रकार को अब तक न्याय नहीं मिल पाया। एक दर से दूसरे दर तक न्याय की आस में फरियाद करते पत्रकार ने आमरण अनशन की बात कही है।

दरअसल घटना बीते 4 जनवरी 2017 की है। महोना हत्याकांड के दौरान 11 लोगों की हत्त्या की न्यूज़ कवर करने के लिए गये पत्रकार राजीव ओझा के ऊपर गांव के ही मो0 सहजाद पुत्र साकिर अली, नौसाद पुत्र अली हुसैन, तौफीक पुत्र मो0 नसीम निवासी महोना पश्चिम, मो0 सुहैल पुत्र मो0 फरीद, पूरे बदई व नावेद पुत्र जावेद ग्राम बबुरी ने जानलेवा हमला कर दिया।

साथ ही प्रार्थी की कार को जला कर नष्ट कर दिया। वहीं पत्रकार ने किसी तरह अपनी जान बचाई। जिसकी तस्दीक़ वीडियो व तस्वीरें स्वयं करती हैं। वहीं घटना के बाद पत्रकार अस्पताल में भी रहा। जहां पर उसका स्वास्थय परीक्षण भी हुआ। जिसमें उसके सर व शरीर में चोटें आयीं।

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जिसकी प्राथमिकी उपरोक्त धाराओं में थाना शुकुल बाजार में दर्ज है। परन्तु थाना शुकुल बाजार द्वारा घटना के 7 माह बीत जाने के बाद भी अब तक कोई कार्यवाहीं नहीँ की गई। अभियुक्तगण सरेआम पुलिस की सह पर क्षेत्र में ही घूम रहे हैं। और पत्रकार उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दें रहें हैं। वहीं पीड़ित पत्रकार का आरोप है उक्त जनों ने थानाध्यक्ष को एक लाख रुपया दिया है। साथ ही उसे भी जान से मार देने की धमकी दी जा रही।

वहीं सवाल ये है कि प्रशासन के सामने एक पत्रकार की कार जला दी जाती है, हमला किया जाता है। पूरा पुलिस प्रशासन मौके पर मूक दर्शक बना मौजूद रहता है। पुलिस उप निरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक शुकुल बाजार, जगदीशपुर, कमरौली के थानाध्यक्ष और पूरा पुलिस प्रशासन मौके पर आंख बंद कर घटना होने का इंतजार करता है। साथ ही घटना को कमतर धाराओं में दर्ज कर उच्चाधिकारियों के साथ मिलकर प्रशासन व मीडिया को गलत जानकारी दी जाती है।

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वहीं पीड़ित पत्रकार राजीव से इस बारे में बात करने पर उन्होंने बताया कि अमेठी एस पी के आदेश के बावजूद थानाध्यक्ष शुकुल बाजार मामले में हीलाहवाली कर रही हैं। वहीं कार्यवाही न होने पर जल्दी ही पत्रकार अमेठी पुलिस प्रशासन के खिलाफ आमरण अनसन पर बैठेगा।

Meenakshi@janmanchnews.com

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