पैसे खाकर DM व SDM के आदेश को भी नजरअंदाज कर गयें अमेठी SO

UP Police
Janmanchnews.com
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Meenakshi Mishra
मीनाक्षी मिश्रा

अमेठी। कहते हैं पैसे का बोलबाला है। ऐसा ही कुछ हमारे थाना प्रभारी अमेठी चरितार्थ करते नजर आ रहे हैं। महोदय यदि पीड़ित कम पढ़ा लिखा है तो चाहे उसपर जानलेवा हमला ही क्यों न हुआ हो FIR दर्ज कर मामले का निपटारा तुरन्त कर देते हैं। पीड़ित से दबाव बनाकर या धोखे से तहरीर बदलवा देना तो इनके लिये बाएं हाथ खेल है।

इतना ही नहीं यदि जेब गर्म हो जाये तो आदेश चाहे जिलाधिकारी का ही क्यों ना हो महोदय उसका अनुपालन करने के लिये बाध्य नहीं नजर आते। ताजा मामला थाना अमेठी के ग्राम कोहरा का है। जिसमें अशोक कुमार मिश्रा निवासी भवानी बक्स चौबे का पुरवा कोहरा की जमीन पर उसी ग्राम के निवासी रामकरन चौबे द्वारा जबरन कब्जा किया गया है।

जिस पर जिलाधिकारी व एस डी एम अमेठी ने लेखपाल, कानून गो व नायब तहसीलदार की रिपोर्ट के पश्चात आदेश दिया की पीड़ित अपनी जमीन पर भवन निर्माण करें जिसके लिये एस ओ अमेठी को मौके पर शांति व्यवस्था कायम करने का भी आदेश दिया गया।

किन्तु हालात वही है ना खाता ना बही जो अमेठी एस ओ करें वही सही। अमेठी एस ओ ने सभी के आदेशों को धता बताते हुए सीधे तौर पर विपक्षियों मदद के लिये पीड़ित को उल्टा धमकाने लगे की जमीन का आधा भाग विपक्षी को दे दो, अन्यथा ठीक नही होगा। सक्षम न्यायलय द्वारा बिना किसी स्थगन आदेश के कहने लगे वो स्थगन आदेश ले आएगा।

मतलब साफ है इनके लिये पैसे के आगे उच्चाधिकारियों का आदेश कोई मायने नहीं रखता। इससे पूर्व इसी मामले में विपक्षियों द्वारा पीड़ित की पत्नी व नाबालिग बच्चियों पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया गया था। किंतु इनके द्वारा पीड़ित के नाबालिग बेटे पर दबाव डालकर तहरीर बदलवाई गयी व एन सी आर दर्ज कर मामले को रफा दफा कर दिया गया।

महोदय की कार्यप्रणाली से आमजन त्रस्त है। पीड़ित यदि पैसे से साहब की जेब भरे तभी अपनी जमीन पर काबिज रह सकता है।

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