अंधेरे में! राज्यमंत्री के पड़ोस का गांव…

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Mithiliesh Pathak
मिथिलेश पाठक

श्रावस्ती। जहाँ एक ओर सूबे में योगी सरकार दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना चलाकर गाँवों को अंधकार से मुक्त करने में लगी है। वहीं दूसरी ओर विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते सूबे के मुखिया की मंशा पर साफ तौर पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है।

मामला श्रावस्ती जिले के जमुनहा तहसील मुख्यालय से मात्र कुछ ही दूरी पर स्थित ऐठा गांव का है। यहाँ बिजली तो नही पहुंच सकी है लेकिन टेलीफोन का खम्भे जरूर लगा दिए गये है, इस गांव के लोग ढिबरी और लालटेन के उजालों में रहने को विवश हैं। यहां के बाशिंदो की शाम अंधेरो में डूब जाती है। यहाँ के बच्चे आज भी चिराग के उजाले में पढ़ने को मजबूर है। यही नही इस गाँव में मूल भूत सुविधाओ का भी बहुत अभाव है।

यहाँ के ग्रामीणों का कहना है चुनावी मौसम में चुनावी वादे तो बहुत हुए लेकिन वादे जमीनी स्तर पर नहीं पहुंचे। सूबे में योगी सरकार से पहले अखिलेश की सरकार में यहाँ से विधायक रह चुकी इन्द्राणी वर्मा ने गांव मे रोशनी पहुंचाने का वादा किया लेकिन नेताजी के वादे सिर्फ चुनाव में होते है, जीतने के बाद तो उनके पास टाइम ही नही रहता वादा पूरा करने का।

जबकि इस ग्राम सभा के पड़ोस में ही वर्तमान यूपी के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जयसवाल का गृह निवास भी है। फिर भी इस गांव में रोशनी नही पहुंच सका और यह गांव अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि यहाँ पर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ सबसे बड़ी समस्या बिजली की है। क्योंकि इसी ग्राम पंचायत में CHC और थाना जैसे महत्वपूर्ण स्थान होते हुए भी यह मजरा विद्युत सप्लाई से अछुता है।

अनेकों बार लिखित शिकायत डीएम से लेकर बिजली विभाग, MP और MLA तक की गई फिर भी सारे शिकायत शून्य है, यहाँ के बाशिंदो को बिजली गांव में आना एक सपना जैसा लग रहा है और यह कब पूरा होगा इसी का लोगों को इंतजार है।

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