BREAKING NEWS
Search
Businessman killed

सीएम से शाबाशी पाने वाली वाराणसी पुलिस की बदमाशों नें निकाली हवा, चौक थानें के पीछे व्यापारी को मारी गोली

421

रंगदारी से जोड़कर देखा जा रहा है हत्या का मकसद, आईजी ज़ोन पहुँचे अस्पताल, परिजनों से की पूछताछ….

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

वाराणसी: संगठित अपराध से मुक्त हो चुकी काशी की आबोहवा में फिर से गोलियों की तड़तड़ाहट गूँज उठी है। जिसनें फिर से व्यापारियों के दिलो में रंगदारों का खौफ़ पैदा कर दिया है।

सीएम योगी की काशी की दो दिवसीय दौरे के दौरान वाराणसी पुलिस नें आंकड़ों की बाजीगरीे करके जनपद के क्राइम ग्राफ़ को कम दिखाकर सीएम को तो संतुष्ट कर दिया, लेकिन योगी आदित्यनाथ के बनारस से जाते ही बेखौफ़ अपराधियों नें चौक थानें के पीछे राजादरवाज़ा क्षेत्र में अपनी दुकान पर बैठे कारोबारी को सरेआम गोली मारकर पुलिस के आंकड़ों की ऐसी-की-तैसी कर डाली।

Read this also…

सजा मुक़र्रर होने के पहले तक कैसी थी रेपिस्ट बाबा राम रहीम की लाइफस्टाइल

प्राप्त जानकारी के अनुसार चौक के हड़हा निवासी मोहन निगम (53) वर्ष की राजादरवाजा में बैग की ‘जय माता दी बैग हाऊस’ नाम से होल सेल की दुकान है। सोमवार की शाम वह दुकान में बैठे हुए थे, बारिश होने की वजह से क्षेत्र की बिजली गुल हो गई थी। इसी दौरान मोहन निगम ने अपने कर्मचारी अरविंद को दवा लाने के लिए मेडिकल स्टोर भेज दिया था।

Businessman killed

Janmanchnews.com

तकरीबन 8:45 बजे अचानक तेज बारिश होने लगी, तभी इस तेज बारिश की आवाज़ को चीरती हुई गोलियों की आवाज गूँज उठी। फ़ॉयरिंग की आवाज़ सुनकर जब स्थानीय लोग और आस-पड़ोस के दुकानदार दौड़कर आये तो देखा कि मोहन के सर में गोली मारी गई थी और वह खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे।


पुलिस को सूचना देने के साथ ही स्थानीय लोग उन्हें लेकर कबीरचौरा स्थित पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडलीय अस्पताल पहुँचे, जहॉं जांच के बाद डाक्टरों नें कारोबारी को मृत घोषित कर दिया। कबीर चौरा अस्पताल में मौजूद मोहन के परिवार वालों को यकीन नही हुआ। वे मोहन को एंबुलेंस से लेकर मलदहिया स्थित एक प्राईवेट अस्पताल पहुँचे, जहॉं के डाक्टरों नें कुछ लाइफ़-सेविंग तरीके आजमाए और अतत: मोहन निगम को मृत घोषित कर दिया।

उधर मौके पर पहुंचे सीओ कोतवाली अयोध्या प्रसाद सिंह और दशाश्वमेघ सीओ स्नेहा तिवारी ने छानबीन में दो खोखा बरामद किया। सुचना मिलते ही वाराणसी के आईजी दीपक रतन कबीरचौरा अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिजनों से घटना के कारणों और रंजिश के बारे में जानकारी ली। उनके साथ क्राइम ब्रांच प्रभारी ओम नारायण, एसपी सिटी दिनेश कुमार, सीओ चेतगंज भी थे।

मृतक के साले पर भी हो चुका है हमला…

जांच में पता चला कि मोहन निगम के साले प्रमोद निगम पर भी कुछ माह पहले बदमाशों ने रंगदारी की मांग को लेकर फायरिंग की थी। प्रमोद बालबाल बच गये थे। इस मामले में मोहन ने रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ पैरवी भी की थी। पुलिस ने इस मामले में इलाके के एक बदमाश को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

Read this also…

बलात्कारी राम रहीम को मिली 10 साल की सजा

सूत्रों का कहना है कि यह घटना के तार इस मामले से जुड़े हो सकते हैं। इसके अलावा संपत्ति को लेकर विवाद समेत दूसरे सभी पहलुओं को पुलिस ने अपनी जांच के दायरे में रखा है। पुलिस का कहना है कि वारदात को कैसे अंजाम दिया गया इसका कोई चश्मदीद नहीं मिल रहा है। घटनास्थल के इर्द-गिर्द कोई सीसीटीवी कैमरा न होने से पुलिस को और भी मुश्किलें हो रही है।

जनमंच नें जब क्षेत्र के लोगों को खोज-खोजकर घटना के बारे में पूछा तो कुछ लोगो नें बताया कि बदमाश दो की संख्या में आये थे और घटना को अंजाम देकर पैदल ही बनारस की तंग गलियों से होते हुये निकल गये, जबकि कुछ का कहना है कि दो बदमाश बाईक से आये और गोली मारकर भाग निकले।

रंगदारी के लिए बदनाम है राजादरवाज़ा

चौक थाना क्षेत्र में पहले भी रंगदारी को लेकर कई वारदात हो चुकी है। इलाके में दालमंड़ी से लेकर हड़हा तक हैं तो बहुत  दुकानें, लेकिन राजादरवाज़ा में थोक का कारोबार होता है। यहां से बाहर के व्यापारियों का आर्डर भी लिया जाता है और अधिकांश कारोबारियों के गोदाम भी हैं। इसलिए यहॉ के व्यापारी हमेशा रंगदारी की गिद्ध दृष्टि में होते हैं।

आज की घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई, दुकानों के शटर धड़धड़ा गिरने लगे और देखते ही देखते हमेशा गुलज़ार रहने वाला राजादरवाज़ा क्षेत्र सुनसान हो गया। जिसकी वजह से पुलिस को जानकारी एकत्रित करनें में मुश्किल हो रही थी। बहरहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच के साथ फोरेंसिक टीम बुलायी गयी है।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।