शाखा में बैंक बीसी की चलता है हुकूमत, वीसी खाताधारीओं की डकार जा रहे है रूपया, शाखा प्रबंधक मौन

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Janmanchnews.com
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Raghunandan Mehta
रघुनंदन कुमार मेहता
गिरिडीह। केन्द्र सरकार ने परिवार के हर सदस्यों को बैंकींग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधान मंत्री जन धन योजना के तहत बैंक शाखाओं में बचत खाता तो खुलवा दिया गया। लेकिन गरीब मजदूरों को क्या पता था कि मेहनत मजदूरी कर बचत किया गया रूपया बैंक वीसी के पास अपने बचत खाता में जमा के लिए जाने पर पेट काटकर रखा हुआ रूपया बैंक वीसी डकार जाएगा।

एेसा हीं एक मामला बैंक अॉफ इण्डीया द्वारपहरी शाखा द्वारा प्रति नियूक्त वीसी  शिव शंकर सेठ ने जमुआ थाना क्षेत्र के चचघरा निवासी  विधवा राधा देवी के बचत खाता में राशि जमा न कर डकार गया। विधवा राधा देवी द्वारा बताया जाता है कि मैं दिनांक 16 दिसंबर 2017 को अपने बचत खाता  सं० 488918210015186 में पांच हजार रूपया जमा करने के लिए बैंक शाखा के काउंटर में जमा की थी । जिसका काउंटर से पावती भी दिया गया था। बैंक शाखा में लगा मशिन बंद रहने के कारण बचत खाता का अपटूडेट नहीं कराई थी।

जब मैं आज पैसे की निकासी के लिए शाखा पहुँची तब खाता अपटूडेट कराने पर पता चला कि मेरे द्वारा जमा किया गया पाँच हजार रूपया नहीं चढा है। इस संबध में काउंटर पर बैठे कर्मी से पुछ ने पर पता चला की तुम रूपया जमा हीं नहीं किया है तब कहाँ से जमा होगा। जब पावती रसीद दिया तब बोले की वह बैंक का कर्मी नहीं है बैंक का वीसी है। वह तुम से रूपया ले लिया लेकिन खाता में जमा नहीं किया है। चिंता करने की बात नहीं है। आज वह वीसी नहीं आया है आते हीं  तुम्हारे  खाता में रूपया जमा करवा दिया जाएगा।

वीसी के द्वारा चलता है शाखा

खाताधारीओं द्वारा बताया जाता है कि  बैंक अॉफ इण्डीया द्वारपहरी शाखा का संचालन बैंक वीसीओं द्वारा किया जाता है। शाखा में जमा निकासी के लिए तीन काउंटर बनाया गया है। जिसमें एक काउंटर अधिकांशतः बंद हीं रहता है। दो में एक काउंटर वीसी के कब्जा में रहता है। जिसके कारण प्रायः दिन ग्राहकों द्वारा बचत खाता में वीसी द्वारा पैसा जमा नहीं किए जाने की शिकायत रहती है।

बावजूद शाखा प्रबंधक द्वारा बैंक काउंटर पर वीसीओं को लेन देन पर रोक नहीं लगाया जाता है। कहने के लिए इस बैंक में शाखा प्रबंधक तो प्रतिनियूक्त हैं। लेकिन जमा निकासी के एक काउंटर पर वीसी की हुकूमत कायम है जिसका परिणाम है की गरीबों का पैसा का बंदरबाट किया जा रहा है।

पंचायतों में प्रतिनियूक्त हैं वीसी पर बैठते हैं शाखा में 

जन धन योजना के तहत गरीब, मजदूर व असहाय ग्रामीणों को बैंकींग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हर बैंकों द्वारा पंचायतों में अपना अपना वीसी नियूक्त किया गया है। जिससे ग्रामीणों को शुःलभ तरीके से बैंकींग सुविधा प्राप्त हो सके लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि बैंक अॉफ इण्डीया शाखा द्वारपहरी द्वारा प्रतिनियूक्त वीसी अपने पंचायतों के बजाए शाखा में बैठते हैं।

क्या कहते हैं शाखा प्रबंधक

विधवा महिला द्वारा पावती दिखाकर शिकायत किया गया वीसी के आते हीं महिला के खाते में रूपया जमा करा दिया जाएगा। वैसे वीसी शिवशंकर सेठ का खाताधारीओं से पैसा लेकर खाताधारीओं के बचत खाता में रूपया जमा नहीं करने की शिकायत लगातार मिल रही है। उसे कई बार चेतावनी दिया गया है।

बावजूद उसमें सुधार नहीं हो रहा है। पुनः इस बार समझाने का प्रयास किया जाएेगा । अगर उसमें सुधार नहीं हुआ तो उसका वीसी कोड रद्ध कर दिया जाएगा।

राजीव रंजन सिंह शाखा प्रबंधक बीओआई द्वारपहरी….

क्या कहते हैं एलडीएम

इधर इस संबध में एलडीएम गिरिडीह का करना है कि खाता धारी शाखा प्रबंधक को लिखित शिकायत करें। उसकी एक प्रति गिरिडीह कार्यालय में दे वैसे वीसी पर सक्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन खाता धारी हैं की वहीं शाखा में बैठकर मामले को सुलझा लेते हैं। जिसके कारण वीसी का मनोबल बढ गया है।

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