बरसात के शुरू होते ही तालाब बन चूका है वीआईपी वार्ड गौतम नगर

monsun2
janmanchnews
Share this news...

दिनेश मिश्रा की रिपोर्ट,

श्रावस्ती। बरसात शुरू होते ही नगर पंचायत इकौना के वीआईपी वार्ड गौतम नगर की जनता एक बार फिर वार्ड की जलभराव की समस्याओं से सहम उठी है। लेकिन लगभग पांच साल से बनी रही इस समस्या को लेकर न तो नगर पंचायत गंभीर है, न ही कोई राजनीतिक दलों के लोग। ब्लाक, थाना, पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय, बीआरसी कार्यालय, दूरसंचार केन्द्र, पशुचिकित्सालय, बिजली विभाग के उप केन्द्र का कार्यालय व रोडवेज बस स्टेशन जैसे प्रमुख सरकारी आफिसों को अपने आंचल में समेटे इकौना नगर पंचायत का वार्ड नम्बर 5 गौतमनगर भी अन्य वार्डो की तरह विकास से वंचित है।

monsun
janmanchnews

इस वार्ड की सबसे प्रमुख समस्या जल भराव की है। जल निकासी के साधन न होने से थोडी सी ही बरसात में वार्ड का दो तिहाई भाग व सड़कें चार माह तक जलमग्न रहती है। जिससे वार्ड के लोगों को घर से बाहर निकलने में परेशानियां उठानी पड़ती है। सबसे अधिक समस्या प्राथमिक विद्यालय, पुराना महिला अस्पताल में चल रहे एएनएम सेंटर, बीआरसी कार्यालय को आने जाने व काशाीराम आवास में रहने वालों को उठानी पड़ रही है। इसी प्रकार हनुमान गढी मन्दिर गेट पर जलभराव बन जाने के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी होती है।

नगर के 8 वार्डों का पानी जमा होता है। गौतमनगर में  नगर पंचायत इकौना के चौक, मुबारकनगर, शास्त्रीनगर, महाबीरनगर, लाजपतनगर, तिलकनगर व कबीरनगर का पानी गौतम नगर में साहूतालाब हो कर एक नाले के माध्यम से बाईपास पर निकलता था। लेकिन बाईपास पर अनियोजित विकास व नाले के पट जाने के कारण अब सारा पानी साहू तालाब में ही जमा रहता है।

बरसात में तालाब भर जाने से डाक बंगला,  ब्लाक, बिजली पावर हाऊस, थाना, प्राथमिक विद्यालय, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, महिला अस्पताल व बीआरसी कार्यालय में पानी भर जाता है। जो महीनों बना रहता है।

वार्ड के निवासी महराज प्रकाश तिवारी ने कहा कि जिन जनप्रतिनिधियों को चुन कर हमने नगर के विकास का सपना देख था वह धूलधूसरित हो गया। नगर का विकास तो नही हो सका, लेकिन जनप्रतिनिधि ने अपना विकास अवश्य कर लिए। रधुपति पाण्डेय व प्रदीप कश्यप ने कहा कि वार्ड की सबसे बड़ी समस्या जल भराव की है।

लेकिन इस तरफ किसी जनप्रतिनिधि ने ध्यान नही दिया। जिससे वार्ड की दो तिहाई आबादी जलभराव से प्रभावित रहती है। वृजेशकुमार द्विवेदी व मो. रमजान खां ने कहा कि नगर पंचायत की ओर से हर चुनाव में नगर के जल निकासी के लिए नाले बनवाने का दावा किया जाता है। लेकिन चुनाव जीतते ही जनप्रतिनिधि अपने वादे को भूल जाते हैं।

सभासद एहशानउल्ला ने कहा कि पिछले 10 साल में बोर्ड की बैठकों में जल निकासी के लिए नाला निर्माण का कई बार प्रस्ताव किया गया। लेकिन अध्यक्ष के गलत कार्यों का विरोध करने के कारण नगर पंचायत की ओर से नाला निर्माण पर अमल नही किया जा रहा है।

Share this news...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फॉलो करें।