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बिहार: टूटी पटरी से जब गुजरी ट्रेन

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बक्सर/चौसा: दानापुर-मुगलसराय रेलखंड पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. टूटी पटरी से बनारस एक्सप्रेस गुजर गयी. इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी गयी, जिसके बाद अप का परिचालन एक घंटा रोक दिया गया.

पटरी की मरम्मत कराने के बाद परिचालन सुचारु रूप से बहाल हो सका. चौसा स्टेशन के समीप पटरी टूटने की वजह से गुरुवार को अप लाइन का परिचालन बाधित रहा. एक घंटा परिचालन बाधित रहने के कारण कई ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ी रहीं. मरम्मत का कार्य समाप्त होने के बाद रेल यातायात सुचारु रूप से बहाल हो सका.

हावड़ा से चल कर अमृतसर तक जानेवाली बनारस एक्सप्रेस जैसे ही चौसा स्टेशन के समीप पूर्वी गेट को क्रॉस की अचानक तेज आवाज के साथ पटरी टूट गयी. जैसे ही इसकी आवाज गार्ड को सुनायी दी तो गार्ड ने इसकी सूचना चालक को दी. चालक ने स्टेशन मास्टर को बताया.

इसके बाद परिचालन एक घंटा रोक दिया गया. घटना सुबह के छह बजे के आसपास की बतायी जाती है. पटरी टूटने की जैसे ही सूचना मिली विभाग में हड़कंप मच गया. अधिकारी घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े. घटना के वक्त अप में कोई भी ट्रेन नहीं जानेवाली थी. चौसा स्टेशन के मैनेजर मो मंसूर ने बताया कि ट्रेन गुजरते समय ही पटरी टूट गयी. गार्ड की सूझ-बूझ से एक बड़ा हादसा टल गया.

तिलैया-राजगीर के बीच इलेक्ट्रिक इंजनवाली ट्रेनें

गया़  रेलयात्रियों के लिए खुशखबरी है. अब जल्द ही तिलैया-राजगीर के लिए इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनें दौड़ेंगी. तिलैया-राजगीर रेल लाइन पर इलेक्ट्रिक लाइन का काम पूरा हो गया है. अप्रैल में इस रेल लाइन पर इलेक्ट्रिक इंजन से चलने वाली ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की संभावना है. दो साल से तिलैया-राजगीर लाइन पर विद्युतीकरण का काम चल रहा था. इलेक्ट्रिक इंजन चलने से यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी और समय भी बचेगा.

इस लाइन पर सात से अधिक नये सिग्नल भी लगाये गये हैं. तिलैया-राजगीर रेल लाइन पर एक सप्ताह पहले रेलवे अधिकारियों द्वारा इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनों का ट्रायल किया गया था.