बुलंदशहर

बुलन्दशहर में महिला को पेड़ से बांधकर सार्वजनिक रूप से पीटनें के मामले में डीएम सख्त

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पीड़िता को कांशीराम आवास योजना के तहत होगा आवास आवंटित, रेड क्रास सोसाईटी की ओर से 50 हजार की नगद सहायता राशि भी महिला को मिली…

Sunil Raghav

सुनिल राघव

 

 

 

 

 

 

बुलंदशहर: आज जिलाधिकारी डाॅ० रोशन जैकब एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री मुनिराज जी० ने स्याना तहसील के अन्तर्गत गांव लौंगा में विगत 10 मार्च 2018 को एक महिला कों पेड़ से बांधकर पिटाई करने के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए दोनों अधिकारियों द्वारा पीड़िता महिला से कोतवाली स्याना में घटना की विस्तृत जानकारी लेते हुए कहा कि इस शर्मनाक घटना में लिप्त लोगों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जायेगा।

पीड़ित महिला द्वारा जिलाधिकारी को दिनांक 10 मार्च 2018 को गांव में उसके साथ घटित हुई घटना की जानकारी देते हुए बताया कि गांव के लोगों नें उसके पति को उकसाया और उसे जान से मार देने की धमकी देकर उसको पेड़ से बांधकर सार्वजनिक रूप से बेरहमी से पिटाई करने के लिए बाध्य किया गया।

उसने बताया कि वह अपने देवर के साथ गांव से किसी रिश्तेदारी में गई हुई थी और गांव लौटने के बाद यह घटना मेरे साथ घटित हुई है। डरी हुई पीड़ित महिला द्वारा यह भी बताया गया कि घटना के बाद उसके घर में नज़रबंद किया गया था और पुलिस की जानकारी में यह प्रकरण आने पर वह नजरबंदी से मुक्त हुई है। पीड़ित महिला द्वारा जिलाधिकारी को यह भी बताया गया कि मेरे द्वारा अन्य लोगों की भी पहचान की गई है जो इस घटना के समय मौके पर मौजूद थे, लेकिन मेरे द्वारा मदद मांगे जाने पर भी किसी ने मुझे नहीं बचाया।

पीड़िता नें कहा कि गांव के लोगों द्वारा मेरे पति को बार-बार पीटने के लिए कहा जा रहा था। मेरी निर्मम पिटाई की गई है और सार्वजनिक रूप से मुझे अपमानित करते हुए पीटा गया है।

जिलाधिकारी डाॅ० रोशन जैकब एवं पुलिस अधीक्षक श्री मुनिराज जी० ने पीड़ित महिला से घटना की पूरी जानकारी लेने के बाद इस घटना की निन्दा करते हुए कहा कि जिन लोगो के द्वारा इस सामाजिक अपराध के लिए उकसाया गया है और जो लोग मौके पर यह घटना घटित होते देख रहे थे और किसी ने पीड़ित महिला को बचाने का प्रयास नहीं किया और न ही इस संबंध में पुलिस एवं अन्य किसी अधिकारी को सूचना दी, ऐसे सभी लोग इस अपराध में सम्मिलित है। उनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

पीड़ित महिला से घटना की जानकारी लेने के बाद दोनों अधिकारी गांव लौंगा में घटना स्थल पर पहुंचकर उपस्थित महिलाओं से वार्ता करते हुए घटना में सम्मिलित लोगों की जानकारी भी हासिल की। लेकिन मौके पर उपस्थित महिलाओं द्वारा घटना स्थल पर उपस्थित लोगों के संबंध में कोई जानकारी नहीं देने पर जिलाधिकारी ने कहा कि यह घटना भविष्य में किसी भी महिला के साथ गांव में हो सकती है। अतः उन्होंने कहा कि कानून को किसी भी व्यक्ति को हाथ में नहीं लेने दिया जायेगा और घटना में लिप्त लोगों को जेल भेजा जायेगा।

उन्होंने मौके पर उपस्थित क्षेत्राधिकारी एवं उप जिलाधिकारी एवं प्रभारी निरीक्षक स्याना को निर्देश दिये कि पीड़ित महिला द्वारा बताये गये नामों के व्यक्तियों को शीघ्र ही जेल भेजने की कार्रवाई करें। इस मौके पर जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि इस घटना को देखने वाले लोगों के विरूद्ध भी कार्रवाई की जायेगी। इस मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा बताया गया कि घटना में सम्मिलित 3 अपराधियों को जेल भेजा जा चुका है और शेष को अतिशीघ्र कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जायेगा।

उन्होंने प्रधान पति को भी मौके पर बुलाते हुए कहा कि घटना में सम्मिलित लोगों की पहचान करते हुए गिरफ्तारी सुनिश्चित करायें अन्यथा उनके विरूद्ध भी कार्रवाई की जायेगी।

डाॅ० रोशन जैकब ने पीड़ित महिला की सुरक्षा एवं आर्थिक सहायता की दृष्टि से काशीराम आवासीय योजना स्याना रोड बुलन्दशहर में एक आवास आवंटन किये जाने के निर्देश दिये और महिला के इलाज एवं आर्थिक सहायता के रूप में रेड क्रास सोसायटी से 50 हजार रूपये की धनराशि दिये जाने के निर्देश दिये। मौके पर उप जिलाधिकारी स्याना श्री अविनाश चन्द्र मौर्य, क्षेत्राधिकारी अन्विता उपाध्याय एवं प्रभारी निरीक्षक स्याना कोतवाली उपस्थित रहे।