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जाम हटाने को लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प, SDPO समेत 12 पुलिसकर्मी घायल

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Rajnish

रजनीश

गोपालगंज। बरौली थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव के समीप गुरुवार की रात राष्ट्रीय उच्चपथ 28 को जाम कर रहे ग्रामीणों को हटाने गई। पुलिस तथा ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। इस दौरान जाम हटाने के लिए पुलिस ने लाठी भांजना शुरू कर दिया। जिससे ग्रामीण और उग्र हो गए। उग्र ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला बोलते हुए पथराव शुरू कर दिया।

इस हमले में एसडीपीओ नीरज कुमार सिंह, बरौली धर्मेंद्र कुमार, सिधवलिया थानाध्यक्ष अमरेंद्र साह सहित 12 पुलिस कर्मी घायल हो गए। इस झड़प में एक दर्जन ग्रामीण भी घायल हो गए। लेकिन घायल होने के बाद भी पुलिस के सख्त तेवर को देखते हुए सभी ग्रामीण वहां से भाग गए।

इस घटना की सूचना मिलने पर मेडिकल टीम के साथ मौके पर पहुंचे पीएचसी बरौली के चिकित्सा प्रभारी विजय पासवान ने घटनास्थल के समीप एक लाइन होटल में घायल पुलिस कर्मियों का प्राथमिक उपचार किया। गंभीर रूप से घायल सिधवलिया थाना अध्यक्ष का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है।

इस घटना के बाद सोनवर्षा गांव के ग्रामीण गांव छोड़कर फरार हो गए हैं। पुलिस आरोपित ग्रामीणों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी अभियान चला रही है।

बताया जाता है कि सोनवर्षा गांव निवासी बृजेश यादव ट्रक चालक था। बीते 23 सितंबर को यह औरंगाबद से ट्रक पर सीमेंट लेकर महम्मदपुर आया था। इसके बाद बृजेश यादव ट्रक छोड़ कर कहीं चला गया। काफी देर बाद भी चालक के वापस नहीं लौटने पर खालासी ने सोनवर्षा गांव में जाकर परिजन को इसकी जानकारी दी। परिजन चालक की तलाश करने लगे।

ट्रक मालिक से पूछने पर वह भी चालक के बारे में कुछ नहीं बता सके। इसी बीच किसी ने फेसबुक पर अज्ञात शव के रूप में चालक बृजेश यादव की फोटो देखकर इसकी जानकारी परिजनों को दी। परिजन सारण जिले के मशरख थाना पहुंच कर बृजेश के बारे में पूछताछ करने लगे। तब पता चला कि चालक की हत्या कर मशरख थाना क्षेत्र में फेंक दिया गया था।

शव की शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने उसका दाह संस्कार कर दिया। मशरख से लौटने के बाद परिजनों ने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी। जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार की शाम सोनवर्षा गांव के समीप राष्ट्रीय उच्चपथ 28 को जाम कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ग्रामीणों को समझाने लगी। लेकिन ग्रामीण पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग करने लगे।

घंटों एनएच जाम के बाद रात करीब साढ़े नौ बजे एसडीपीओ नीरज कुमार नगर थाना तथा सिधवलिया थाना पुलिस के साथ पहुंच गए। पुलिस पदाधिकारी जाम हटाने के लिए ग्रामीणों को समझा रहे थे कि इस दौरान ग्रामीणों से पुलिस की झड़प हो गई। उग्र ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला बोलते हुए पथराव शुरू कर दिया।

पुलिस भी लाठी भांजने लगी। इस झड़प में एसडीपीओ नीरज कुमार ¨सह, बरौली थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, सिधवलिया थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार साह,नगर थाना के सब इंस्पेक्टर रितेश कुमार सिंह, सिपाही नवलेश कुमार, बरौली थाना सब इंस्पेक्टर रितेश कुमार मिश्र सहित 12 पुलिस कर्मी तथा एक दर्जन ग्रामीण भी घायल हो गए।

लेकिन पुलिस के सख्त तेवर देखकर घायल सहित सभी ग्रामीण वहां से भाग गए। इस घटना के बाद मौके पर पहुंची मेडिकल टीम ने एक लाइन होटल में घायल पुलिस कर्मियों का प्राथमिक उपचार किया। घटना की सूचना मिलने पर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस अधीक्षक राशिद जमा ने भी जांच पड़ताल किया।

ग्रामीणों से झड़प में गंभीर रूप से घायल सिधवलिया थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार साह का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। पुलिस से झड़प के बाद सोनवर्षा गांव के ग्रामीण घर छोड़कर फरार हो गए हैं। गांव में केवल महिलाएं ही रह गई हैं। पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी अभियान चला रही है।