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93 साल मे पहली बार रेल बजट नही

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कीर्ति माला की रिपोर्ट।
नई दिल्ली। 1 फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली केंद्र की एनडीए सरकार का चौथा बजट पेश करेंगे. इस बार 93 साल बाद रेल बजट और आम बजट पेश होने वाला है. 1फरवरी को पेश होने के साथ-साथ और भी कई अहम बातें हैं जो इस बजट को खास बना रही हैं.

वित्त मंत्री के ऊपर इस बजट को पेश करते समय सबकी उम्मीदों का बोझ होगा और देखना होगा कि किस हद तक वो देश की जनता, इंडस्ट्री, सेक्टर, व्यापारी वर्ग और बाजार की आशाओं को पूरा कर पाते हैं.

इस बार बजट के खास होने की 5 बड़ी वजहः

1. आम बजट के साथ पेश होगा रेल बजटः इस बजट के साथ सबसे बड़ी बात ये है कि इस बार रेल बजट को आम बजट के साथ ही पेश किया जाएगा. अब तक रेल बजट को आम बजट और आर्थिक सर्वेक्षण से पहले पेश किया जाता रहा है.www.janmanchnews.com

सबसे पहले रेल बजट और इसके बाद आर्थिक सर्वे और इसके बाद केंद्रीय बजट संसद में पेश होता था. एनडीए की सरकार ने पिछले साल ही रेल बजट के साथ आम बजट पेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी.

2. नोटबंदी के बाद सरकार का पहला बजटः देश के आर्थिक इतिहास की सबसे अहम घटनाओं में से एक नोटबंदी के बाद ये सरकार का पहला बजट है.

8 नवंबर 2016 को पीएम मोदी के नोटबंदी के ऐलान के बाद देश की अर्थव्यवस्था पर जो असर हुआ है उसका सटीक आंकड़ा इस बजट में पेश किया जा सकता है.

नोटबंदी के बाद सरकार के पास जो पैसा आया है और इकोनॉमी में जो बदलाव आया है उसके आधार पर सरकार निश्चित ही बजट में कुछ बड़े ऐलान कर सकती है.

3. GST के लागू होने से पहले का बजटः पूरे देश में एक टैक्स व्यवस्था लागू होने की तारीख 1 जुलाई 2017 है और ये बजट उससे पहले टैक्स ढांचे को तय करने में ये बजट अहम भूमिका निभा सकता है.

राज्यों के बीच अलग-अलग टैक्स की दरों को एकसमान करने से पूरे देश की गुड्स की कीमतें समान होंगी और सरकार के पास भी यूनिफॉर्म टैक्स आएगा.

4. इनकम टैक्स रेट में बदलाव संभवः हाल ही में एसबीआई की ‘ईकोरैप’ रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार नोटबंदी के बाद देश की इकोनॉमी को बढ़ाने के लिए डायरेक्ट टैक्स में बड़े बदलाव ला सकती है.

इसमें ये भी कहा गया है कि इनकम टैक्स की लिमिट भी बढ़ाकर 3 लाख रुपये की जा सकती है. वहीं आर्थिक जगत के कुछ जानकारों का मानना है कि इस बजट में इनकम टैक्स लिमिट बढ़ाकर 4 लाख रुपये तक भी की जा सकती है. तो आम जनता को टैक्स के बोझ से कुछ राहत मिलने की उम्मीद इस बार की जा सकती है.

5. कैशलेस इकोनॉमी बनाने के लिए बजट में बड़े ऐलान संभवः नोटबंदी के बाद देश में कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए काफी उपाय किए गए हैं. भीम एप के जरिए सरकार आम लोगों को भी डिजिटल ट्रांजेक्शन ज्यादा से ज्यादा करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है.

माना जा रहा है कि इस बजट में सरकार ऑनलाइन और डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ाने के लिए कुछ ऐलान कर सकती है जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग डिजिटल पेमेंट की तरफ जा सके।
पहली बार रेल बजट 1924 मे पेश किया गया था।सबसे जयादा बार रेल बजट पेश करने का रिकाँड मोरारजी देशाई के नाम है.