Soil Testing Center

किसानों को प्रदेश सरकार की एक और सौगात, मिट्टी परीक्षण केंद्र के लिए मिली स्वीकृति

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Rambihari pandey

रामबिहारी पांडेय

सीधी- जिले के विभिन्न विकासखंडों में किसानों की सुविधा के दृष्टि से मिट्टी परीक्षण केंद्रों का संचालन शासन से स्वीकृति के दो वर्ष बाद भी संचालन नहीं हो पाया है. दरअसल, शासन द्वारा जिले के पांच विकासखंडों में से चार मेें कुसमी, मझौली, सिहावल तथा रामपुर नैकिन में मिट्टी परीक्षण केंद्र स्वीकृत किए गए.

ताकि, किसानों को मिट्टी परीक्षण के लिए जिला मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े. क्योंकि, जिला मुख्यालय में ही मिट्टी परीक्षण केंद्र संचालित था और किसानों को अपने खेतों की मिट्टी परीक्षण के लिए लंबी दूरी का सफर तय करना पड़ता था. लंबी दूरी के कारण ज्यादातर किसान अपने खेेतों के मिट्टी का परीक्षण नहीं करा पाते थे और उन्हे खेतों में मिट्टी के आवश्यक तत्वों की कमी की जानकारी नहीं हो पाती थी.

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार करीब दो वर्ष पूर्व जिले के चारों विकासखंडों में मिट्टी परीक्षण केंद्र स्वीकृत किए जाकर भवन निर्माण का बजट भी जारी कर टेंडर दे दिया गया था. पहले तो भवन निर्माण हेतु जमीन चिन्हांकन करने में ही काफी समय बीत गया, किसी तरह जमीन चिन्हित होने के बाद भवन का निर्माण शुरू हुआ तो दु्रत गति से कार्य के कारण इसमें भी काफी समय बीत गया.

अब तीन विकासखंडों में मिट्टी परीक्षण केंद्र के भवन बनकर कृषि विभाग को हैंडओवर किए जा चुके हैं. लेकिन, सामग्री के अभाव में अब तक इनका संचालन नहीं शुरू हो पाया है.

भोपाल से आएंगे उपकरण-

जिले के तीन विकासखंडों सिहावल, मझौली व रामपुर नैकिन में मिट्टी परीक्षण केंद्र का भवन तैयार किया जाकर संविदाकार द्वारा कृषि विभाग को हैंडओवर किया जा चुका है. विभागीय सूत्र बताते हैं कि यहां मिट्टी परीक्षण के लिए आवश्यक उपकरण भोपाल स्तर से ही उपलब्ध कराए जाएंगे. मिट्टी परीक्षण केेंद्र के लिए अलग से स्टाफ स्वीकृत नहीं किया जाएगा, बल्कि विकासखंड में पदस्थ एसएडीओ को इसका प्रभारी बनाकर कार्य शुरू कर दिया जाएगा. मिट्टी परीक्षण के लिए संविदा के आधार पर तकनीकी पद भरे जाएंगे.

कुसमी का भवन अभी भी अधूरा- 

जिले के चारों विकासखंडों में एक साथ मिट्टी परीक्षण केेंद्र स्वीकृत किए जाकर भवन निर्माण का टेंडर जारी कर दिया गया था. लेकिन, संविदाकार की लापरवाही के कारण अभी तक कुसमी विकासखंड का मिट्टी परीक्षण केंद्र बनकर तैयार नहीं हो पाया है.

उपकरण का इंतजार-

मिट्टी परीक्षण केंद्र तीन विकासखंडों सिहावल, मझौली व रामपुर नैकिन में तैयार हो गए हैं, केवल उपकरणों का इंतजार है, उपकरण भोपाल से उपलब्ध कराया जाएगा. भवन विभाग को हैंडओवर होने की जानकारी वरिष्ठ कार्यालय को प्रेषित की जा चुकी है, जैसे ही उपकरण उपलब्ध होंगे केंद्रों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा.