प्रियंका गांधी के खिलाफ़ FIR दर्ज कराने चौक थानें पहुँचे अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी

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अधिवक्ता ने प्रियंका गांधी पर आरोप लगाया कि क्रिश्चियन होने के बावजूद उन्होने काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश कर सनातन धर्मियों का अपमान किया है…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

वाराणसी: बनारस के अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी को सुर्खियों में बने रहने का ऐसा रोग लग गया है कि वो बात-बेबात को मुद्दा बनाकर मीडियाकर्मियों को बुला लेते हैं और कुछ न कुछ मसाला उन्हे प्रदान करते रहते हैं। इसी कड़ी में यह अधिवक्ता दो दिन पूर्व चौक थानें पहुँचे और इंस्पेक्टर को एक तहरीर देकर एफ़आईआर दर्ज करने की मांग करने लगे।

उनकी तहरीर के अनुसार करोड़ो सनातनधर्मी हिन्दुओ की अगाध आस्था के केंद्र पवित्र ज्योतिर्लिंग श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की धार्मिक व पौराणिक मान्यता व परम्परा के विरुद्ध गर्भगृह में पूजन करने वाली विधर्मी ईसाई प्रियंका वाड्रा व उनको रोकने के लिए दायित्वाधिन विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह व गर्भगृह में पूजन कराने वाले पुजारी के विरुद्ध अभियोग पंजिकृत करने की बात कही गयी थी।

उनकी इस तहरीर को चौक थाना प्रभारी ने लेने से मना कर दिया था। अधिवक्ता कमलेश त्रिपाठी ने बताया कि प्रियंका वाड्रा गांधी के विरुद्ध 2 दिन पूर्व चौक थाने पर एफआईआर दर्ज कराने गये थे पंरतु चौक थाना प्रभारी ने एफ आई दर्ज करने से मना कर दिया था। जिसके बाद आज वो तहरीर लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे और एसएसपी आंनद कुलकर्णी से कार्यवाही की मांग की है। उन्होने बताया कि एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने तहरीर स्वीकृत कर कार्यवाही करने का आश्वसन दिया है।

आपको याद दिला दें कि यह वही कमलेश चंद्र त्रिपाठी हैं जिन्होनें प्रियंका गांधी के काशी विश्वनाथ मंदिर आने की खबर पढ़ने के बाद यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मांग किया था कि चूंकि राबर्ट वाड्रा से शादी के बाद प्रियंका गांधी स्वयता क्रिश्चियन बन गई हैं इसलिए उनके मंदिर में प्रवेश पर रोक लगायी जाये क्योकि मंदिर में प्रवेश केवल उन्ही के लिये है जो सनातन धर्म में विश्वास रखते हो। इससे पूर्व भी 2017 के उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान इन्होने मुलायम सिंह यादव पर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की थी।