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भारत के बाद बांग्‍लादेश में ‘बुलबुल’ की आहट से मचा कोहराम, मौसम विभाग न‍े किया सतर्क

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बंगाल की खाड़ी में शक्तिशाली चक्रवात ‘बुलबुल’ की आहट से भारत का पड़ोसी मुल्‍क बांग्‍लादेश सतर्क हो गया है। बंगाल की खाड़ी पर बने दबाव के कारण यह चक्रवात बांग्‍लादेश के दक्षिणी तट की ओर बढ़ रहा है। शनिवार सुबह ढाका में मौसम कार्यालय ने सबसे भयंकर तूफान का संकेत जारी किया है।

एहतियात के तौर पर 50,000 से अधिक स्‍वयंसेवकों को स्‍टैंडबाय पर रखा गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बंगाल की खाड़ी में उठा यह चक्रवात बांग्‍लादेश के विशाल दक्षिण पश्चिमी और दक्षिणी तट से टकरा सकता है। सतर्कता के तौर पर मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है, जो मछुआरे समुद्र में है उन्हें वापस आ जाने के लिए कहा गया है।

बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव

बता दें कि बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र बुधवार को पारादीप से 800 किलोमीटर दूर समुद्र में डीप डिप्रेशन में तब्दील होने के बाद छह किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ बढ़ रहा था। उस वक्‍त मौसम विभाग ने दावा किया था कि बुलबुल नामक यह चक्रवात किस जगह पर लैंडफाल करेगा, यह सात नवंबर को स्पष्ट होगा। यह माना जा रहा था कि चक्रवात पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की ओर रुख कर सकता है।

फानी ने मचाया कोहराम

मई, 2019 में भयंकर चक्रवाती तुफान फानी ने भारत में तबाही के निशान छोड़ने के बाद बांग्‍लादेश को निशाना बनाया था। इसमें कम से कम 14 लोगों की जानें गई थीं। बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों में तूफान से तटबंधों के टूटने के बाद 36 गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्‍पन्‍न हो गई थी। करीब 16 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया था। बांग्‍लादेश के नोआखली, भोला और लक्ष्मीपुर सहित आठ जिलों में मौतें हुईं थीं। ये सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र थे।

 

फानी दसवां चक्रवात

फानी पिछले 52 वर्षों में मई में भारत से टकराने वाला दसवां चक्रवात है। इससे पहले 1968, 1976, 1979, 1982, 1997, 1999 और 2001 की मई में इस तरह के चक्रवात देखे गए थे। आमतौर पर खतरनाक चक्रवात भारत के पूर्वी तट पर मानसून के मौसम (अक्टूबर-दिसंबर) में आते हैं। 1965 और 2017 के बीच के 52 वर्षों में देश में 39 अत्यंत खतरनाक चक्रवात आए|


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