Govt. of punjab

केरल के बाद पंजाब सरकार भी ला सकती है CAA के खिलाफ प्रस्ताव, आज कैबिनेट करेगी फैसला

83

New Delhi: केरल के बाद अब पंजाब सरकार भी नागरिकता संशोधन एक्ट (CAA) के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव ला सकती है। 16 जनवरी को शुरू होने वाले विधानसभा के सत्र में आरक्षित सीटों को दस साल तक और बढ़ाने के लिए लोकसभा में पास किए गए एक्ट पर ही मुहर लगाई जानी है। इसमें सीएए और नेशनल पापुलेशन रजिस्‍टर (एनपीआर) के खिलाफ प्रस्ताव लाया जा सकता है।

सरकार के एक उच्च अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। आज होने वाली कैबिनेट बैठक में इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। दो दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सभी कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को इस मुद्दे पर एकमत से विधानसभा में प्रस्ताव पास करने को कहा था।

कैबिनेट बैठक में होगा अंतिम फैसला, कैप्टन ने केंद्रीय कानून मंत्री को पत्र लिख कर भी जताया था विरोध

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह CAA का शुरू से ही विरोध कर रहे हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज चौहान और केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने CAA को लेकर केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद को तो कड़े शब्दों में दो पेज का पत्र लिखा है। कैप्‍टन ने पत्र में लिखा है ‘ केंद्र हमें इस तरह का गैर संवैधानिक एक्ट लागू करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। धर्म के नाम पर किसी के साथ पक्षपात नहीं किया जा सकता और न ही भारत का संविधान हमें ऐसा करने की इजाजत देता है।’

बता दें कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने लुधियाना में एक टिप्पणी की थी कि सीएए और एनआरसी केंद्र के विषय हैं और राज्यों को यह हर हालत में लागू करने होंगे। केरल विधानसभा ने जब यह गैर सरकारी प्रस्ताव पारित किया तब भी भाजपा के केंद्रीय नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि सीएए को पास करना केंद्रीय विषय है और राज्य सरकार को यह लागू करना ही होगा।

दिल्ली में बनी रणनीति

सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस के नेतृत्व में 20 विपक्षी दलों की मीटिंग में सीएए और राष्ट्रीय तौर पर करवाए जाने वाले नेशनल पापुलेशन रजिस्टर को वापस लेने की मांग की गई है। उधर, आम आदमी पार्टी ने बिजली समझौतों को रद करने के खिलाफ भी एक गैर सरकारी प्रस्ताव व प्राइवेट बिल लाने का एलान किया हुआ है। पार्टी चाहती है कि राज्य में लगे तीनों प्राइवेट प्लांटों के साथ किए गए समझौतों को रद किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों पर भारी बोझ पड़ रहा है।