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मोटी रकम खर्च करने के बाद भी चाकघाट नगर में स्वच्छता शून्य

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ईशू केशरवानी

ईशू केशरवानी

रीवा- चाकघाट नगर परिषद अंतर्गत शासकीय खजानो का दुरूपयोग हो रहा है. यहां एक जांच का विषय बनता जा रहा है. जिस दिन नगर परिषद कि उच्च अधिकारियो द्वारा जांच करीं गई, तो उस दिन निश्चित लाखो करोड़ो रूपये के घोटलो कि पोल खुल सकती है.

दरअसल, हम बात कर रहे है नगर परिषद चाकघाट कि जहां स्वच्छता अभियान नहीं गंदगी अभियान दिखाई दे रही है और भ्रष्टाचारी भी, जहां शासन के रूपये डकारे जा रहे हैं. चाकघाट में कितनी सफाई रहती है तस्वीरें बया करती हैं, जहां नाली होने के बावजूत गंदा पानी सड़को में बह रहा है.

यह दृश्य चाकघाट वार्ड क्रमांक- 10 गौरा मार्ग में बने नाली का दृश्य है, जहां कुछ दिनों पहले शिकायत के पश्चात नवरात्रि पर्व पर जेसीबी मशीन से नगर परिषद द्वारा नाली कि सफाई कराई गई थी. लेकिन, उस सफाई से कुछ राहत नही मिलती दिखाई दे रही है. लेकिन, जेसीबी मशीन का हजारों रूपये का बिल जरूर बन गया होगा.

यह नाली लगभग 500 मीटर से अधिक बनाई गई है परन्तु नाली के गंदे पानी का निकासी सही ठंग से नही हो पाने से गंदा पानी सड़को मे बह रहा हैं. यह नाली पूर्व विधायक के घर के सामने से लेकर जीके मेमोरियल कालेज के आगे तक जाता है. लेकिन, नाली के पानी का सही ठंग से निकासी नही होने से कहीं नाली का पानी ओवर है, तो कहीं कम-कहीं ज्यादा.

इसी तरह वार्ड क्रमांक-12 में पूर्व पार्षद के गली में कई महीनों पूर्व नाली का निमार्ण कराया गया था. लेकिन, गंदे पानी के निकलने के लिए व्यवस्था नही कराई गई. जिससे पूरी नाली गंदे पानी से भर चुकी है. जिसमें छोटे बच्चे गिर कर चोटिल भी हो रहे है और साथ ही साथ गंदे पानी से मच्छर तथा कई अन्य बीमारिया भी जन्म ले रही है. लेकिन, कोई देखने सुनने वाला नहीं, ना ही मच्छर नाशक दवाओ का छिड़काव किया जा रहा है नगर में बहुत अनियमिता है.

शासन द्वारा ऐसे लोग को नगर परिषद चाकघाट कि जिम्मेदारी सौंपा गया है जो केवल अपनी जेब भरने के लिए बैठे है। चाहे कोई सरकारी जमीन हड़पे या मानमानी करें, तो नगर परिषद के सीएमओ से कोई मतलब नहीं, यह पर वहीं भ्रष्ट सीएमओ बैठते है. जिनका कुछ दिनो पूर्व नौकरी के लिए 1 लाख रूपये धूस मांगने का मामला प्रकाश में आया था.

लेकिन, अभी तक भ्रष्ट सीएमओ पर कोई कार्रवाई नहीं हुई नगर परिषद के अंदर काफी भ्रष्टाचारी है. जो समय-समय पर समाचार के माध्यम से प्रकाशित होती रहती है. परन्तु कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. ऐसा प्रतित होता है कि भ्रष्ट CMO पर किसी बड़े लोगो का हाथ है, जो उनका संरक्षण कर रहे तभी तो ना जांच हो रही है ना कार्रवाई.

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आखिर कब होगी भ्रष्ट CMO पर कार्रवाई? आखिर कब उच्च अधिकारियों कि नजर ऐसे भ्रष्ट लोगो पर पड़ेगी? आखिर कब जनता को निम्न समस्यो से निजात मिलेगा ? आखिर क्यों कम्प्यूटर पद पर कार्य कर चुकी कन्या दीक्षा केशरवानी का बकाया वेतन अभी तक नही दिया गया?

आखिर किस वजह को लेकर वार्ड क्रमांक- 13 कि महिला पार्षद पूजा मुकेश गुप्ता द्वारा पीआईसी मेम्बर से इस्तीफा दिया गया. क्या कारण हो सकता ? आखिर क्यों वार्ड क्रमांक- 11 के पार्षद विजय गुप्ता द्वारा नगर परिषद चाकघाट कि जांच करने कि मांग की जाती रहीं. कुछ तो जरूर होगा तभी तो सब नगर परिषद चाकघाट कि जांच करवाने कि मांग कर रहे है.

क्यों आखिर कब तक ऐसे ही चलता रहेगा. क्या सरकार बदलने के बाद भी इन भ्रष्ट लोगो पर कोई कार्रवाई नहीं होगी, यह एक गम्भीर विषय बना हुआ है.