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देश की सेवा करना चाहता है अफजल गुरु का बेटा, कहा-भारतीय होने पर गर्व है

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नई दिल्ली। भारतीय संसद पर आतंकी हमले के दोषी अफजल गुरु का बेटा गालिब अब डॉक्टर बन कर देश की सेवा करना चाहता है। वह इस समय मेडिकल एंट्रेस एग्जाम की तैयार कर रहा है और आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जाना चाहता है। गालिब इस बात को लेकर काफी खुश है कि उसका आधार कार्ड बन गया है। गालिब को उम्मीद है कि आधार कार्ड के बाद उसका पासपोर्ट भी बन जाएगा।

जिससे की वह अपनी आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जा सकेगा। चेहर पर मुस्कान और आंखों में आशा लिए 18 साल के गालिब कहता है कि पहचान पत्र मिलने से मैं बुहत ही खुश हूं। मेरे पास मेरा आधार कार्ड है। इस समय गालिब अपने दादा और मां के साथ रह रहा है। उसे उम्मीद है कि आधार कार्ड के बाद जल्द ही उसे पासपोर्ट भी मिल जाएगा।

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान गालिब ने कहा है कि मुझे भारतीय नागरिक होने पर गर्व है यह गर्व तब और बढ़ जाएगा जब हमें भारत सरकार विदेश पढ़ने जाने के लिए पासपोर्ट देगी। पासपोर्ट मिलते ही मुझे विदेशों में पढ़ने के लिए दरवाजे खुल जाएंगे। गालिब इस समय मेडिकल परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं।

उनका परीक्षा पांच मई को है। उन्होंने कहा कि अगर मैं यहां की परीक्षा में पास नहीं हो पाता हूं तो मैं विदेश जाकर मेडिकल की पढ़ाई करना चाहता हूं। तुर्की का एक कॉलेज है जो मुझे स्कॉलरशिप दे सकता है। उन्होंने कहा कि मैं डॉक्टर बनकर अपने पिता के सपने को पूरा करना चाहता हूं। गालिब ने कहा, मैं अपने अतीत से सीख लेते हुए पिता का सपना पूरा करना चाहता हूं।

मैं चाहता हूं कि मेरे पिता डॉक्टर नहीं बन सके तो मैं बनूं। खुद को अभी तक आतंकवादियों और आतंकी संगठनों से दूर रहने का क्रेडिट गालिब अपने मां को देते हैं। गालिब बताते हैं की पिता को मिली सजा के बाद आतंकी संगठनों ने हमसे बदला लेने को कहा। उन लोगों ने मुझे संगठन ज्वाइन करने के लिए कहा। लेकिन, मेरी मां ने मुझे कभी भी बहकने नहीं दिया और लक्ष्य (मेडिकल) के प्रति सजग रखा।

साल 2001 में संसद पर आतंकी हमले के दोषी अफजल गुरु के बेटे तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने दसवीं और बाहरवीं की परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। बता दें कि गालिब के पिता अफजल गुरु को संसद पर हमले का दोषी पाया गया था और इन्हें फांसी पर लटका दिया गया था। संसद हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।