Ajay singh

चुनावी जनसभा में अजय सिंह का छलका दर्द, कहा- कार्यकर्ताओं के भरोसे के कारण हारा चुरहट

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Rambihari pandey

रामबिहारी पांडेय

सीधी- बीते3 महीने पूर्व MP विधानसभा के चुनाव में नेता प्रतिपक्ष रहे अजय सिंह राहुल अपने परंपरागत सीट चुरहट से हार का दर्द चुनावी जनसभा में छलक उठा. जब वे कार्यकर्ताओं को अति आत्मविश्वास से भरे होने व काम ना करने के कारण बताते हुए कार्यकर्ताओं पर गलती करने का दोषारोपण किया.

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने बाजार में बैठकर मुख्यमंत्री बनाए जाने और प्रदेश की सरकार बदलने के दावा करने की बात करने को लेकर जमकर खिंचाई होगी. उस दौरान उनके समर्थन में नारा लगाने वाले भी बगल में देखना शुरू कर दिए और पूरी जनसभा में सना का खिंच गया. जब उन्होंने कहा कि बैठकों के दौरान आप लोग मुझे मुख्यमंत्री बनाने और प्रदेश की सरकार बदलने के लिए प्रदेश के अन्य विधानसभाओं में काम करने को कहा था.

जब उनके कंधे पर विधानसभा चुनाव का दायित्व सौंप कर प्रदेश की सरकार बदलने में जुट गए, तो कार्यकर्ता घर में बैठ गए. जिसके कारण चुरहट की सीट तो वे हार गए. लेकिन, प्रदेश में सरकार बदल कर कांग्रेस की सरकार बनाने में कामयाब हो गए पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि उन्हें चुनाव हारने का मलाल नहीं है. जितना की प्रदेश में सरकार बदल कर कांग्रेस की सरकार बनाने की खुशी है, लेकिन उन कार्यकर्ताओं पर से भरोसा उठने का भी बात कह कर सबको चौंका दिया.

उन्होंने कहा कि मुझे सब कुछ जानकारी हो रही थी मिल रही थी. लेकिन प्रदेश में सरकार बनाने के लिए उन्होंने अपने विधानसभा का हार इंकार कर लिया है. पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल 1967 में हुए विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि इसी तरीके के भरोसा कुंवर अर्जुन सिंह को भी किया गया था और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने में तब भी कामयाबी हासिल हुई थी. लेकिन, चुरहट का चुनाव तब भी हार गए थे.

इस दौरान उन्होंने पूर्व CM शिवराज सिंह चौहान के लिए कहा कि शिवराज सिंह की और मेरी ना तो जमीनी लड़ाई है. मैं भी चाहता तो करोड़ों रुपए लेकर मालामाल हो जाता. लेकिन, मैंने पार्टी के सिद्धांतों और जनता के हितों को लेकर ना तो कोई समझौता किया है ना ही करने का इरादा है. जनता के हितों के लिए वह लड़ाई लड़ते रहेंगे.

इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के जनहितकारी योजनाओं का विरोध करने की आदत सी पड़ गई है. इस दौरान कांग्रेस पार्टी के महासचिव महेंद्र सिंह चौहान ने भी संबोधित किया वह भारतीय जनता पार्टी पर प्रदेश की जनता के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया.

वहीं लोकसभा के मीडिया प्रभारी होने के नाते उन्होंने  प्रेसवार्ता का आयोजन करके प्रधानमंत्री पर विश्व की सबसे बड़ी गरीबी हटाओ योजना का विरोध करने का आरोप लगाते हुए शर्मनाक विरोध बताया है. उन्होंने प्रधानमंत्री पर पूंजीपतियों के समर्थन देने वह उन्हें बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया है.

प्रेसवार्ता के दौरान हाल ही में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा जारी किए गए. घोषणा पत्र में किसानों को कर्ज माफी का लाभ देने और न्यूनतम आय योजना की जानकारी देने का भाजपा द्वारा किए जा रहे विरोध का जमकर विरोध दर्ज कराया. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नहीं चाहती कि गरीबों को उनका हक मिल सकें. 

कांग्रेस सरकार बनने पर 72000 रुपये प्रतिवर्ष गरीब परिवार को देने का लक्ष्य कांग्रेस पार्टी ने रखा मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव मनरेगा योजना से 14 करोड़ लोगों के जीवन में खुशहाली आने का दावा करते हुए कहा कि इस योजना का भी विरोध भारतीय जनता पार्टी ने संसद में किया था. तो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि अधिग्रहण कानून मैं बाजार पर आधारित मां का भी विरोध करके उसे कमजोर बना दिया.

यूपीए सरकार के खाद्य सुरक्षा कानून का विरोध कर उसे भी कमजोर कर दिया गया है, तो वन अधिकार कानून और पैसा को कमजोर कर करोड़ो आदिवासियों को उनके बन अधिकार के पत्तों से वंचित कर दिया है.

उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने एक हलफनामा देकर किसानों के जमीनों की कीमत पर 50% मुनाफा देने का विरोध किया है, तो किसानों की कर्ज माफी का भी विरोध दलित आदिवासी कानून को कमजोर करने की कोशिश की गई.

नोटबंदी की आपदा से करोड़ों लोगों को की रोजी-रोटी छीनी गई है तो जीएसटी लगाकर व्यापारियों व छोटे दुकानदारों को बर्बाद करने का काम भारतीय जनता पार्टी ने किया है. इस दौरान पटपरा के चुनावी जनसभा में कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह बाबा पूर्व जिला अध्यक्ष आनन्द सिंह चौहान सहित हजारों की संख्या में पदाधिकारी व आम जनमानस मौजूद रहे हैं.