इलाहाबाद

फिर हो रही है इलाहाबाद का नाम बदलकर ‘प्रयाग’ रखनें की तैयारी

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पूर्व में अटल बिहारी बाजपई सरकार भी इलाहाबाद को ‘प्रयाग’ करनें की कर चुकी है कोशिश…

–सत्यम शुक्ला

इलाहाबाद: पूर्व अटल बिहारी सरकार के द्वारा इलाहाबाद को ‘प्रयाग’ और लखनऊ को ‘लखनपुर’ का नाम देनें की कोशिशों के फ़ेल हो जाने के बाद एक बार फिर से जब देश और प्रदेश दोनों में बीजेपी का बोलबाला है एक बार फिर से जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, महादेवी वर्मा, हरिवंशराय बच्चन, अमिताभ बच्चन के शहर इलाहाबाद का नाम बदलकर ‘प्रयाग’ करनें की तैयारी शुरू हो गयी। अब इसमें इलाहाबाद शहर के निवासियों की क्या राय है यह तो बाद में पता चलेगा, लेकिन बीजेपी की पहली कोशिश को यहाँ के निवासियों के प्रतिरोध नें ठंडा कर दिया था।

यूपी में योगी सरकार संगम नगरी के नाम से मशहूर इलाहाबाद का नाम प्रयाग कर सकती है। सूबे के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने रविवार को बताया कि इलाहाबाद का नाम प्रयाग करने के लिए हमारी सरकार का एक मत है। लेकिन जब इसकी घोषणा की जाएगी को बता दिया जाएगा।

वहीं राम मंदिर के मुद्दे पर मौर्या ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। जब तक कोर्ट से कोई आदेश नहीं आ जाता हम लोगों प्रतीक्षा कर रहे हैं। गाय संरक्षण पर बोलते हुए केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि ये हमारी सरकारी की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। चूँकि इन गायों की वजह से किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है, इसलिए इसको रोकने के लिए हम लोग हर जिलों में गौशाला बना रहे हैं।

फिल्म पद्मावत के रिलीज पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश को देखकर ही इस मामले में किसी भी प्रकार की टिप्पणी की जा सकती है। वहीं नृत्य गोपाल दास समेत सभी संतों का मानना है कि भव्य राम मंदिर बनना चाहिए। नृत्य गोपाल दास ने कहा कि हम चाहते हैं कि मोदी जी, योगी जी इस पर काम करें। वहीं गोपाल दास का मानना है कि सरकार ने गौशाला पर बहुत अच्छी बात की है।