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सहरसा की अर्चना ने लहराया अपना परचम, नेशनल वॉलीबॉल प्रतियोगिता में हुआ चयन

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Sarfaraz Alam

मोहम्मद सरफ़राज़ आलम

सहरसा- सही कहा गया है कि प्रतिभा किसी का मोहताज नहीं होता है. बिहार के सहरसा जिले के सत्तर कटैया गांव है, जहां ग्रामीण इलाके में रहकर कई बच्चियों ने यह चरितार्थ करके दिखाया है.

बता दें, कि 19 तारीख से 24 तारीख तक चलने वाली मिनी नेशनल वॉलीबॉल की प्रतियोगता महाराष्ट्र के शिरडी में होने वाला है. जिसमें सहरसा जिले के सत्तर कटैया गांव की रहने वाली अर्चना कुमारी का चयन हुआ है. इस चयन को लेकर पूरे गांव में खुशी का माहौल है. इससे पहले भी इसी गांव की रहने वाली चार बच्चियां मिनी नेशनल वॉलीबॉल, जूनियर वॉलीबॉल खेल चुकी है.

वहीं इस प्रतियोगिता में भाग लेने जा रही अर्चना कुमारी ने बताया कि मेरी मिनी नेशनल वॉलीबॉल प्रतियोगिता में चयन हुई है और मैं 19 तारीख को शिरडी जा रही हूं। मेरा इरादा है बेहतर खेलूं और बिहार का नाम रोशन करू.

इस प्रतियोगिता को लेकर शारीरिक शिक्षक रोशन सिंह धोनी ने कहा कि हमलोग जब खिलाड़ी थे तो कोई सुविधा नहीं थी. जब प्रशिक्षक शारीरिक शिक्षक के रूप में हमलोग आये जैसे डीएन सिंह और कई इस तरह के लोग हैं. जो पूरे सहरसा में इस तरह के खेलों को ग्रामीण क्षेत्रों में प्रोत्साहित कर रहे हैं. जिसका परिणाम आप देख रहे हैं डिएन सिंह के द्वारा.

सत्तर कटैया गांव जो सहरसा का सबसे पिछड़ा इलाका माना जाता है, वहां पर लड़कियों को अपने बल बूते पर यहां के समाज के लोगों के साथ जुड़कर राष्ट्रीय स्तर के पथ पर पहुंचाने का काम करते हैं. इनका मेहनत पिछले दस वर्षों से है लेकिन पिछले दो वर्षों में इनका जी तोर मेहनत है. जिसका प्रतिफल है वॉलीबॉल के माध्यम से आज बच्चियां एक रूरल एरिया से हाफ पैंट पहन कर राष्ट्रीय पटल पर पहुंच रही है.