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बांका डीएम कुन्दन कुमार ने जलाई गरीब तथा जरूरतमंद बच्चों के बीच शिक्षा की अलख

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Lalit Kishor

ललित किशोर कुमार

बांका। जज्बे और साहस से हर मुश्किल आसान हो जाती है। चाहे वो कोई मंजिल हो या कुछ कर गुजरने का तमन्ना ही क्यों ना हो। इस कहावत को सच कर दिखाया बांका जिलाधिकारी कुन्दन कुमार ने।

जिन्होंने जिला में पदस्थापित होते ही उन्नयन बांका अभियान के द्वारा गरीब, कमजोर, निर्धन, दलित,महादलित, असहाय तथा विधालय से बाहर रहने वाले बच्चों के लिए मसीहा बन कर शिक्षा की अलख जगाने का काम किया। अलख इस प्रकार जलायी की राष्ट्रीय स्तर से लेकर अन्तर्राष्ट्रीय फलक पर उन्नयन बांका ने धमाल मचाया।

बताते चलें कि उन्नयन बांका के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य को लेकर भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा पीएम अवार्ड से सम्मानित किया गया। बातचीत के दौरान डीएम कुन्दन कुमार ने बताया कि जीवन का ध्येय सुशिक्षित समाज है। उनका कहना है कि जब तक समाज शिक्षित नहीं होगा। देश का विकास नहीं हो सकता है।

अपने मिशन के बारे में कहते हैं कि अभी बांका जिला के सभी गांव में शिक्षा का माहौल बना रहे हैं। लेकिन, इसे अधिक से अधिक गांवों तक ले जाने की तमन्ना है। इस काम में और लोगों के आने की आवश्यकता है। उन्नयन बांका अभियान इतना सफल रहा कि बांका डीएम कुन्दन कुमार को अन्तर्राष्ट्रीय अवार्ड से भी सम्मानित किया गया।

ज्ञात हो कि बांका जिले के अत्यंत पिछड़े एवं नक्सल प्रभावित बेलहर, कटोरिया एवं चांदन सीमांत क्षेत्र में आदिवासी जीवन शैली जी रहे खैरा एवं नैया जाति के लोगों की बड़ी आबादी है। बेहद गरीबी और अभाव की मार झेलते यह वर्ग अपने बच्चों को आरंभिक शिक्षा भी नहीं दे पाता।

स्थिति यह है कि ऐसे परिवारों में शायद ही कोई स्कूली शिक्षा भी ले पाता है। इन परिवारों की जीवन शैली बिल्कुल आदिवासियों जैसी है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी कभी उनकी शिक्षा दीक्षा पर ध्यान नहीं दिया। लेकिन, जिला पदाधिकारी कुन्दन कुमार ने इन मलिन बस्ती में भी शिक्षा की अलख जगाने का काम किए है।

क्या है उन्नयन बांका अभियान:-

पीएम अवार्ड से सम्मानित उन्नयन बांका  शिक्षा के क्षेत्र में बांका डीएम कुंदन कुमार द्वारा किया गया एक नया प्रयोग है। उन्नयन एप के माध्यम से बच्चों को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराई जाती है। साथ ही अपना मोबाइल अपना विद्यालय के तर्ज पर तीसरी से आठवी तथा नौंवी व दसवीं कक्षा के छात्र छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है।

बांका उन्नयन के तहत जिले के लगभग सभी स्कूलों में स्मार्ट क्लास भी चलाया जा रहा है। डीटीएच के माध्यम से भी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। वर्तमान समय में उन्नयन से बांका ही नहीं कई अन्य जिलों के बच्चे भी जुड़कर इसका फायदा ले रहे हैं।

उन्नयन बांका को पीएम अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इस तकनीक को देश के तमिलनाडु, झारखंड, उतर प्रदेश, पांडुचेरी तथा अन्य राज्यों में भी लागू किए जाने को लेकर वहां की टीम ने बांका पहुंचकर जायजा लिया है।